Home उत्तर प्रदेश अखिलेश यादव ने भाजपा को बताया आरक्षण विरोधी

अखिलेश यादव ने भाजपा को बताया आरक्षण विरोधी

6

बहुजन समाज पार्टी ने मंगलवार को पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में बड़ा बदलाव किया है। बसपा सुप्रीमो मायावती अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी के नेशनल कॉर्डिनेटर के पद से हटा दिया है। साथ ही उनसे अपना उत्तरधिकार का पद भी वापस ले लिया है। अब इस मामले पर अखिलेश यादव ने बसपा पर सियासी हमला बोला है।  समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने कहा- बसपा ने अपने संगठन में बड़े बदलाव का जो भी कदम उठाया है वो उनकी पार्टी का आंतरिक विषय है।
Lok Sabha Election 2024 मायावती ने मंगलवार को तीजे आकाश आनंद को पार्टी के नेशनल कॉर्डिनेटर के पद से हटा दिया है। साथ ही उनसे अपना उत्तरधिकार का पद भी वापस ले लिया है। अब बसपा के अंदरूनी मसले पर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने टिप्पणी की है। उन्होंने ट्वीट कर बताया कि आखिर क्यों बसपा ने बड़े फेरबदल किए हैं।

अखिलेश ने कहा- सच ये है कि बसपा का प्रभाव क्षेत्र में होते हुए भी पिछले चरणों में उनकी एक भी सीट नहीं आ रही है तो बाकि के चार चरणों में तो कोई संभावना बचती नहीं है। उन्होंने वोटरों से अपील करते हुए कहा कि आप अपना वोट खराब न करें बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर के संविधान को बचाने के लिए इंडिया गठबंधन का साथ दें। साथ ही अखिलेश यादव ने भाजपा को आरक्षण विरोधी भी बताया।

बहुजन समाज को लेकर डॉ. आंबेडकर के मिशन को आगे बढ़ाने के लिए कांशीराम की राजनीतिक विरासत संभालने वाली मायावती ने पिछले वर्ष 10 दिसंबर को अपने छोटे भाई आनंद कुमार के 29 वर्षीय बेटे आकाश को अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी बनाए जाने की घोषणा की थी।
अखिलेश ने इसके पीछे वजह बताई की ‘लोकसभा चुनाव में बसपा की एक भी सीट आती हुई नहीं दिख रही है क्योंकि बसपा के अधिकांश परंपरागत समर्थक भी इस बार संविधान और आरक्षण को बचाने के लिए इंडिया गठबंधन को ही वोट दे रहे हैं। इस बात को बसपा अपने संगठन की विफलता के रूप में ले रही है। इसीलिए उनका शीर्ष नेतृत्व संगठन में इतना बड़ा फेर-बदल कर रहा है लेकिन अब बाजी बसपा के हाथ से निकल चुकी है।