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तहसील दिवस में ग्रामीण क्षेत्र से, जलभराव व हाथी के आतंक से जुड़े मामले रहे हावी

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तहसील दिवस में ग्रामीण क्षेत्र से जलभराव व हाथी के आतंक से जुड़े मामले रहे हावी, वन विभाग कार्रवाई के निर्देश
तहसील मुख्यालय ऋषिकेश में आयोजित तहसील दिवस में ग्रामीण क्षेत्र से सर्वाधिक जलभराव और हाथी के आतंक से जुड़े मामले हावी रहे। नागरिकों ने दोनों ही मामलों में कार्रवाई न होने पर रोष जताया। सीनियर सिटीजन जन कल्याण संगठन भट्टों वाला के अध्यक्ष गिरीश व्यास के साथ स्थानीय ग्रामीण तहसील पहुंचे। उन्होंने क्षेत्र में जंगली हाथी से हुए नुकसान और बाढ़ सुरक्षा के लिए तटबंध से संबंधित शिकायत दर्ज कराई।
जागरण संवाददाता, ऋषिकेश: तहसील मुख्यालय ऋषिकेश में आयोजित तहसील दिवस में ग्रामीण क्षेत्र से सर्वाधिक जलभराव और हाथी के आतंक से जुड़े मामले हावी रहे। नागरिकों ने दोनों ही मामलों में कार्रवाई न होने पर रोष जताया।

सीनियर सिटीजन जन कल्याण संगठन भट्टों वाला के अध्यक्ष गिरीश व्यास के साथ स्थानीय ग्रामीण तहसील पहुंचे। उन्होंने क्षेत्र में जंगली हाथी से हुए नुकसान और बाढ़ सुरक्षा के लिए तटबंध से संबंधित शिकायत दर्ज कराई। शीशपाल सिंह रावत ने घरों में घुसे पानी से हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति, पार्षद वीरेंद्र रमोला ने गुमानी वाला में टूटी पुलिया के निर्माण की मांग रखी।
हाथियों से की गई नुकसान की भरपाई की मांग
ग्राम प्रधान गुमानी वाला दीपिका व्यास ने क्षेत्र में जीवन जागृति स्कूल के पास जलभराव की समस्या से निजात दिलाने, साहब नगर से शैलेंद्र दत्त व्यास ने भूमाफिया का अतिक्रमण रोकने की मांग की। खदरी निवासी उषा देवी ने भवन में हाथी के द्वारा किए गए नुकसान की भरपाई की मांग की।

हाथियों से होने वाले नुकसान की रोकथाम के लिए वन विभाग को सख्त निर्देश
तहसीलदार चमन सिंह ने संबंधित शिकायतों के निस्तारण के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया। मानसून के दौरान हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए। हाथियों से होने वाले नुकसान की रोकथाम के लिए वन विभाग को सख्त निर्देश जारी किए।
हाईकोर्ट पहुंची जलभराव और भूकटाव की समस्या
बता दें कि प्रदेश में मानसून की बारिश के चलते सभी जगहों पर जलभराव की समस्या बनी हुई थी। पिछले महीने हाईकोर्ट ने नंधौर नदी सहित गौला, कोसी, गंगा, दाबका नदी से हो रहे भूकटाव व बाढ़ से नदियों के मुहाने अवरुद्ध होने के कारण आबादी क्षेत्रों में जलभराव, भूकटाव को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार सहित अन्य पक्षकारों को दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई को 12 सितंबर की तिथि नियत की है।