Home राजनीति बेटी पढ़ाओ बेटी बचाव, अभियान को ठेंगा दिखा रहा सरकारी तंत्र

बेटी पढ़ाओ बेटी बचाव, अभियान को ठेंगा दिखा रहा सरकारी तंत्र

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_राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की जर्जर इमारत ओर स्टाफ की कमी के बीच आखिर कैसे पढ़ेंगी छात्राएं_

डोईवाला :- सरकार ओर राजनीतिक दलों द्वारा बेटी बचाव बेटी पढ़ाव अभियान के अंतर्गत अनेक प्रकार के कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं। जिसमें बेटियों के प्रति उनका दर्द भी साफ झलकता है। पर जमीनी हक़ीक़त कुछ और ही बयाँ करती है।
अगर हम करें सरकारी स्कूलों की तो बालिकाओं के लिए खोले गए यह सरकारी स्कूल सुविधाओं का रोना रो रहे हैं। जी हां डोईवाला के रानीपोखरी ग्राम पंचायत में बने राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में पढ़ रही बालिकाएं ख़ौफ़ में रहती हैं। बालिकाओं के अंदर इस ख़ौफ़ की वजह कोई और नही है, यह ख़ौफ़ स्कूल की इमारत को लेकर है। बता दें कि इस गांव में बालिकाओं के लिए बेहतर शिक्षा के उद्देश्य से इस कॉलेज की स्थापना की गयी थी, जिस पर यहां पढ़ने वाले बालिकाएं खरी भी उतरी। इस कॉलेज की छात्राओं ने बोर्ड के परीक्षाओं में अधिक अंक लेकर स्कूल का नाम तो रोशन किया ही, साथ ही खेल में भी यहां की बालिकाएं बड़े-बड़े धुरंधरों को मात दे चुकी हैं। पर स्कूल की इमारत जर्जर होने की वजह से छत का प्लास्तर गिरने लगा है। जिससे कई बार स्कूल के बेशकीमती समान को बड़ा नुकसान पहुंचा है। यही वजह है कि यहां की छात्राएं खुले आसमान के नीचे शिक्षा लेने को मजबूर है। और बारिश के दौरान जब यह बालिकाएं इस भवन के अंदर बैठती हैं, तो हर समय इन बालिकाओं को किसी अनहोनी का डर सताता है।
बता दें कि बारिश की वजह से छत से टपकने वाले पानी और प्लास्तर से इनकी कॉपी किताब भी पूरी तरह खराब हो जाती है। ओर दोबार इन छात्राओं को नई कॉपी बनानी पड़ती है। वहीं स्कूल में पर्याप्त स्टाफ की भी कमी है। जिसकी वजह से इन बालिकाओं को पर्याप्त सुविधाएं नही मिल पा रही हैं।
ऐसे में सरकार के बेटी बचाव बेटी पढ़ाव के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। अगर यूं कहें कि ‘ऐसे पढ़ेगी बेटी तो कैसे बढ़ेगी बेटी’ यह बात इस स्कूल पर फिट बैठती नजर आ रही हैं।