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‘रोजगार सृजन’ के आकड़ों के अनुसार, उत्तराखंड राज्य देश में दूसरे नंबर पर

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PMEGP: ‘रोजगार सृजन‘ के पिछले वर्ष के आकड़ों के अनुसार इस वर्ष उत्तराखंड राज्य ने ग्रोथ हासिल की।जिससे साफ़ होता हैं कि प्रदेश सरकार राज्य में रोजगार के क्षेत्र में उत्कृस्ट कार्य कर रही है। वर्ष 2022 के मुकाबले वर्ष 2023 के आकड़ों के अनुरूप प्रदेश 28 प्रतिशत विकास के साथ देश में दूसरे नंबर पर आ पंहुचा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ट्वीट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया।
उत्तराखंड ने छह माह में रोजगार सृजन में 28 प्रतिशत ग्रोथ दर्ज की। उत्तराखंड राज्य “फॉर्मल रोजगार सृजन” वर्ष 2022 के आकड़ों के मुकाबले वर्ष 2023 में आकड़ें 28.6% प्रतिशत के साथ देश में दूसरे स्थान पर हैं। जबकि सभी राज्यों के मुकाबले असम पहले स्थान पर रहा हैं।

इन आकड़ों के बाद प्रदेश सीएम ‘पुष्कर सिंह धामी’ ने ट्वीट करते हुए लिखा, “उत्तराखंड की “फॉर्मल रोजगार सृजन” दर वर्ष 2022 के मुकाबले 2023 में 28.6%(Jan-June) के साथ देश में दूसरे स्थान पर है। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के नेतृत्व में देवभूमि उत्तराखंड रोजगार सृजन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और हम सभी प्रधानमंत्री जी के कथनानुसार 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बनाने हेतु अहर्निश कार्यरत हैं।
समस्त युवाशक्ति को इस अभूतपूर्व उपलब्धि हेतु हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।”
रोजगार सृजन बढ़ोतरी में शीर्ष पांच राज्य (PMEGP)
राज्य बढ़ोतरी प्रतिशत दर

असम 33

उत्तराखंड 28.6

बिहार 21.1

झारखंड 20.5

हिमाचल 17.1

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना (PMEGP)
‘प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना’ को केंद्र सरकार द्वारा देश के बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए शुरू किया गया है। इस योजना के माध्यम से देश के बेरोजगार युवाओं को ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत देश के बेरोजगार युवाओं को 10 लाख रुपये से लेकर 25 लाख रुपये तक का लोन मुहैया कराया जाता है और इस राशि का उपयोग करके वह अपने विचारों को सच्चाई में बदलने का प्रयास करते हैं, जिससे देश में विभिन्न रोजगार के अवसरों को बढ़ावा प्रदान किया जाता है। इस योजना को आरंभ करने का मुख्य उद्देश्य बेरोजगार व्यक्ति को अपने पैरों पर खड़े होने का मौका प्रदान करना जिससे देश में बेरोजगारी दर कम हो सके।