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अगलाड़ यमुनाघाटी विकास मंच ने बूढी दिवाली बग्वाल का पर्व पारंपरिक तरीके से मनाया।

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अगलाड़ यमुनाघाटी विकासमंच मसूररी के तत्वाधान में बग्वाल बूढ़ी दीवाली के मौके पर भव्य समारोह आयोजित किया गया। जिसमें पारंपरिक तरीके से बग्वाल मनाई गई व ढोल दमाऊ की थाप पर जमकर लोक नृत्य किए गये व होल्डे खेले गये।
अगलाड़ यमुनाघाटी विकास मंच की ओर से चकराता टोल जीरो प्वांइट पर बग्वाल समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ डिमसा पूजन के साथ शुरू हुआ व उसके बाद होल्डे का दहन किया गया वहीं लोगों ने जमकर लोक नृत्य किए पारंपरिक वाद्ययंत्रों ढोल दमाऊ की थाप पर महिलाओं व पुरूषों ने जमकर होल्यिात नृत्य, सराय नृत्य, रासो नृत्य, तांदी नृत्य किए व पूरी मस्ती में नाचते रहे जिसे देख कर आने जाने वालों के पैर भी थिरकने लगे। कैंपटी मुख्य मार्ग पर आयोजन होने से पर्यटकों ने भी उत्तराखंड के इस सांस्कृतिक पर्व का आनंद लिया। इस मौके पर रस्साकशी का आयोजन भी किया गया। व अंत में भिरूड़ी व प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम समाप्त किया गया।
इस अवसर पर प्रदेश के कबीना मंत्री सुबोध उनियाल ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की व जमकर लोक नृत्य किया व कहा कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति को बचाने में जौनपुर जौनसार व रवाई का विशेष योगदान है यहां पर हर पर्व अपनी लोक संस्कृति से मनाये जाते हैं। उन्हांेने कहा कि इस क्षेत्र में बूढी दिवाली का विशेष महत्व है तथा यहां की लोक संस्कृति पूरे देश में जानी जाती है।इस मौके पर पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, अगलाड़ यमुना घाटी विकास मंच के अध्यक्ष शूरवीर सिंह रावत, महामंत्री प्रकाश राणा, कोषाध्यक्ष सूरत सिंह रावत, विरेंद्र राणा, राजेंद्र रावत, पूर्व पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल, गोकुल नौटियाल, आशुतोष कोठारी, अमित गुप्ता, सोबन सिंह पंवार, बलदेव सिंह, रणवीर कंडारी, दिनेश पंवार, सहित बडी संख्या में लोग मौजूद रहे।