Home Breaking News BIG BREAKING:हल्द्वानी नगर निगम में विजिलेंस का पड़ा छापा, जेई हिरासत में

BIG BREAKING:हल्द्वानी नगर निगम में विजिलेंस का पड़ा छापा, जेई हिरासत में

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हल्द्वानी: एक बार फिर विजिलेंस की टीम ने हल्द्वानी में रिश्वतखोर जेई पर कार्रवाई की है। इस बार विजिलेंस ने नगर निगम हल्द्वानी में तैनात रिश्वतखोर जेई को 25 हजार रुपये की काली कमाई के साथ धरपकड़ा है। नगर निगम में तैनात जेई को विजिलेंस टीम ने गुरुवार दोपहर करीब एक बजे 25000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। विद्युत विभाग में तैनात रिश्वतखोर जेई का नाम केबी उपाध्याय है जो स्ट्रीट लाइट कंपनी के कर्मचारी से टेंडर में खेल करने के एवज में यह रिश्वत ले रहा था। बताते चलें कि नगर निगम हल्द्वानी में इन दिनों बतौर प्रशासक डीएम की देखरेख में कार्य हो रहा है। ऐसे में रिश्वतखोर जेई ने एक बार फिर सरकारी अमलों में घुसे भ्रष्टाचार रुपी दीमक की कलही खोल कर रख दी है। वहीं, नगर निगम के जेई केबी उपाध्याय के रंगेहाथ रिश्वत लेते गिरफ्तार होने की खबर जैसे ही फैली तो भ्रष्ट अधिकारियों में हड़कंप मच गया। हर कोई एक दूसरे से मामले की जानकारी लेने में जुटा रहा। बताते चलें कि भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ लगातार जारी विजिलेंस की कार्रवाई एक कदम और आगे बढ़ गई है। करीब सात माह पहले विजिलेंस को शिकायत मिली थी कि नैनीताल और ऊधमसिंहनगर में ऐसे कई अधिकारी हैं, जिन्होंने रिश्वत की रकम से अकूत संपत्ति जुटा ली है। गोपनीय जांच में इसके सुबूत मिलने के बाद अब विजिलेंस ने करीब दर्जनभर अधिकारियों के खिलाफ खुली जांच शुरू कर दी है।
आपको बता दें कि सतर्कता विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, साल 2023 में टोल फ्री नंबर 1064 से देहरादून सेक्टर में 176 व हल्द्वानी सेक्टर में 118 शिकायतें मिलीं। इनमें से देहरादून सेक्टर की 143 तथा हल्द्वानी सेक्टर की 82 शिकायतों पर कार्रवाई हो चुकी है। 57 शिकायतें लंबित हैं। इस वर्ष विजिलेंस ने अब तक कुल 12 ट्रैप किए। देहरादून सेक्टर में कुल नौ तथा हल्द्वानी सेक्टर में चार जांच लंबित हैं। देहरादून सेक्टर में 11 तथा हल्द्वानी सेक्टर में पांच खुली जांच लंबित है। राज्य गठन से लेकर अब तक 252 भ्रष्ट और रिश्वतखोरों पर विजिलेंस का फंदा कसा है। इनमें से 59 तो जेल की हवा भी खा चुके हैं। ऐसे में साल 2024 की शुरुआत में ही जिस तरह से विजिलेंस का शिकंजा कसता जा रहा है, उसे देखकर लग रहा है कि भ्रष्ट सरकारी अफसरों के पकड़े जाने का यह सिलसिला और आंकड़ा इस साल भी बढ़ने के आसार हैं।