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BIG BREAKING: स्कूल भवन जर्जर हालत में मिले तो अफसर जिम्मेदार होंगे: शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी

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ऋषिकेश: शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने सभी जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों के जर्जर भवनों का मूल्यांकन कर उनके पुनर्निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं. सख्त हिदायत दी है कि यदि कार्ययोजना तैयार होने के बाद कोई स्कूल भवन जर्जर मिलता है, तो उसके लिए संबंधित अफसर जिम्मेदार होंगे. उन्होंने अफसरों से भवन ठीक होने का प्रमाणपत्र भी देने को कहा है.
शिक्षा महानिदेशक तिवारी ने को हल्द्वानी के पीएमश्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में 13 जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों की बैठक ली. उन्होंने राज्य समग्र परियोजना कार्ययोजना तैयार करने को लेकर दिशा-निर्देश दिए. कहा कि भारत सरकार ने राज्य के सभी स्कूलों के पुनर्निर्माण और रखरखाव के लिए प्रस्ताव मांगे हैं. ऐसे में सभी शिक्षा अधिकारी अपने जिलों के स्कूलों की स्थिति का मूल्यांकन कर जर्जर भवनों का प्रस्ताव तैयार कर कार्ययोजना में शामिल करें. डीजी ने कहा कि समग्र परियोजना के तहत भारत सरकार की ओर से स्कूलों के भवनों के पुनर्निर्माण के लिए बजट का प्राविधान है. बजट की कमी नहीं है. डीजी ने अच्छे नंबरों से परीक्षा उत्तीर्ण करें, इसके लिए उन्हें प्रश्न पत्र सॉल्व करने के टिप्स दिए जाएं. उन्होंने बिना मान्यता के संचालित हो रहे स्कूलों पर सख्त कारवाई करते हुए उन्हें बंद करने के निर्देश भी दिए. डीजी ने विद्या समीक्षा केंद्र, पीएम पोषण योजना, किचन गार्डन आदि की भी समीक्षा की. यहां अपर परियोजना निदेशक डॉ.मुकुल सती, उत्तराखंड बोर्ड की सचिव डॉ.नीता तिवारी, अपर निदेशक ललित मोहन चमोला आदि मौजूद रहे. बोर्ड का रिजल्ट डिजिलॉकर पर भी घोषित करें’: शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने को यहां उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद कार्यालय का निरीक्षण किया. यहां सभी अनुभागों का निरीक्षण कर उन्होंने बोर्ड कार्यालय के कार्यों की समीक्षा भी की. शिक्षा महानिदेशक ने बोर्ड कार्यालय के रिकॉर्ड डिजिटलाइज करने के निर्देश भी दिए. महानिदेशक के निरीक्षण के दौरान उनके साथ संयुक्त निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ.मुकुल कुमार सती भी मौजूद रहे. बोर्ड कार्यालय के अधिकारियों के साथ बैठक में शिक्षा महानिदेशक तिवारी ने बोर्ड के सभी रिकॉर्डों को डिजिटलाइज करने, बोर्ड परीक्षा परिणामों को डिजिलॉकर पर भी घोषित करने के निर्देश दिए. साथ ही मानव और भौतिक संसाधनों की आपूर्ति के लिए जल्द प्रस्ताव भेजने के भी निर्देश अधिकारियों को दिए. इस दौरान विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर के अपर सचिव वीपी सिमल्टी, संयुक्त सचिव शिवपूजन सिंह, श्याम सिंह बिष्ट, जीआईसी के प्रधानाचार्य बीएस मनराल, बोर्ड कार्यालय के शोध अधिकारी शैलेन्द्र जोशी आदि मौजूद रहे. डीजी शिक्षा तिवारी ने यहां राजकीय इंटर कॉलेज का भी निरीक्षण किया.