Udayprabhat
Breaking NewsVideoदेशराजनीति

मंच पर बैठे थे मुख्यमंत्री और मंत्री, मेयर के बेटे ने गिनाईं BJP सरकार की नाकामियां.. इंदौर का वीडियो हुआ वायरल, देखिए!

मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश की राजनीतिक राजधानी माने जाने वाले इंदौर से निकली एक घटना ने पूरे प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में इंदौर नगर निगम के मेयर पुष्यमित्र भार्गव के बेटे संघमित्र भार्गव मंच पर खड़े होकर भाषण देते दिखाई दे रहे हैं। दिलचस्प बात यह रही कि इस मंच पर खुद मुख्यमंत्री मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, मंत्री तुलसी सिलावट, सांसद शंकर लालवानी और स्थानीय विधायक समेत कई वरिष्ठ भाजपा नेता मौजूद थे।

वीडियो देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी में आयोजित स्व. निर्भय सिंह पटेल स्मृति वाद-विवाद प्रतियोगिता का है। प्रतियोगिता में संघमित्र भार्गव को विपक्ष की भूमिका दी गई थी। विपक्ष की भूमिका निभाते हुए उन्होंने केंद्र सरकार, खासकर रेलवे प्रोजेक्ट्स और वादाखिलाफी को लेकर बेबाकी से आलोचना की। उनके तर्क इतने प्रभावी रहे कि अंततः वे इस प्रतियोगिता के विजेता बने।

जैसे ही संघमित्र ने केंद्र सरकार की कमियों का उल्लेख करना शुरू किया, मंच पर बैठे भाजपा नेताओं ने एक-दूसरे की ओर देखा। कई नेता हल्की मुस्कान के साथ प्रतिक्रिया देते रहे। मुख्यमंत्री मोहन यादव भी मुस्कुराते दिखे। वहीं, दर्शकों की भीड़ तालियों से गूंज उठी।

बुलेट ट्रेन पर सवाल..

संघमित्र ने सबसे पहले केंद्र सरकार की बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा:

“ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट का आलम ये है कि हर साल 50 लाख से ज्यादा लोग टिकट लेकर भी यात्रा नहीं कर पाते। वादा था कि 2022 तक अहमदाबाद से मुंबई तक बुलेट ट्रेन दौड़ेगी। लेकिन 2025 आ गया और बुलेट ट्रेन अभी तक सरकार के पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन से बाहर नहीं आई। जमीन अधिग्रहण में करोड़ों खर्च हुए, घोटाले हुए, लेकिन ट्रेन अभी भी सपने जैसी है।”

इस बयान पर छात्रों और उपस्थित जनसमूह ने जमकर तालियां बजाईं।

रेलवे हादसों का मुद्दा..

इसके बाद उन्होंने रेलवे हादसों पर भी सरकार को घेरा।

“सरकार दावा करती है कि कवच तकनीक से रेल हादसे रुकेंगे। लेकिन पिछले 10 साल में 20 हजार लोग रेल हादसों में अपनी जान गंवा चुके हैं। जब रेल पटरी से उतरती है, तो सिर्फ डिब्बे नहीं टूटते। एक मां की गोद सूनी हो जाती है, बच्चे का भविष्य अंधेरे में डूब जाता है और बूढ़े पिता की आखिरी उम्मीद छिन जाती है।”

संघमित्र के इन संवेदनशील शब्दों ने वहां मौजूद लोगों को भावुक कर दिया।

स्टेशन रिडेवलपमेंट और निजीकरण..

संघमित्र ने आगे कहा कि सरकार ने दावा किया था कि 400 रेलवे स्टेशन को एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं से लैस किया जाएगा।

“लेकिन हकीकत ये है कि सिर्फ 20 स्टेशन बने। वहां भी शिकायतें यही हैं कि बोर्ड तो चमकते हैं, लेकिन पीने का पानी महंगा है और भीड़ वही है। CAG की रिपोर्ट कहती है कि 1.25 लाख करोड़ रुपये में से 80 प्रतिशत परियोजनाएं अधूरी हैं। सुरक्षा के लिए स्वीकृत 78 प्रतिशत बजट डायवर्ट कर दिया गया। क्या यही है विकास?”

इसी दौरान उन्होंने रेलवे में कैटरिंग कॉन्ट्रैक्ट को लेकर भी निशाना साधा और कहा कि 300 करोड़ रुपये की कैटरिंग एक ही कंपनी को दे दी गई।

“सरकार कहती है सबका साथ, सबका विकास। लेकिन रेलवे में हो रहा है दलाल का साथ, निजीकरण का विकास और जनता का विनाश।”

सीएम मोहन यादव की प्रतिक्रिया

संघमित्र के इस भाषण के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंच से उनकी तारीफ की। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कुछ विषयों पर वे सुधार करना चाहेंगे।

“अपने भतीजे के लिए भी जोरदार तालियां बजाऊंगा। उसने विपक्ष की भूमिका निभाते हुए अपनी बात बेबाकी से रखी। पक्ष हो या विपक्ष, जो जिम्मेदारी होती है, वही तो निभाई जाती है। विपक्ष का विषय मिला, तो उसने विपक्ष की तरह बोला। इसमें कोई मनाही नहीं। लेकिन कुछ विषयों पर मैं जरूर सुधार करूंगा।” मुख्यमंत्री की यह प्रतिक्रिया भी सभागार में मौजूद लोगों ने उत्साह से सुनी।

दिग्विजय सिंह ने किया समर्थन

वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी संघमित्र की तारीफ की। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा:

“संघमित्र भार्गव प्रभावशाली वक्ता हैं। बधाई।”

दिग्विजय सिंह की यह प्रतिक्रिया विपक्षी खेमे में उत्साह का विषय बनी हुई है।

राजनीतिक हलकों में चर्चा

संघमित्र का यह भाषण महज एक वाद-विवाद प्रतियोगिता का हिस्सा था, लेकिन इसकी गूंज अब राजनीति में सुनाई दे रही है। भाजपा के लिए यह स्थिति थोड़ी असहज रही कि मंच पर मुख्यमंत्री और मंत्री मौजूद हों और वहीं मेयर का बेटा भाजपा सरकार की आलोचना कर दे। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यह लोकतंत्र की खूबसूरती है, जहां युवा पीढ़ी सवाल पूछने से पीछे नहीं हटती।

विपक्ष का हथियार..

कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल अब इस वीडियो को भाजपा पर हमले के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। पहले से ही बुलेट ट्रेन, रेलवे हादसों और निजीकरण जैसे मुद्दे विपक्ष के निशाने पर हैं। संघमित्र के भाषण ने इन मुद्दों को नए सिरे से सुर्खियों में ला दिया है।

Leave a Comment