रूद्रपुर: वन्यजीव तस्करी की सूचना पर कार्रवाई करते हुए उत्तराखण्ड एसटीएफ की कुमायूँ यूनिट ने वन विभाग तराई केंद्र वन प्रभाग रूद्रपुर की एसओजी टीम और WCCB के साथ संयुक्त ऑपरेशन चलाया। 6 दिसंबर को खनस्यू क्षेत्र के सिमलिया बैंड, छेड़ा खान नर्सरी के पास दबिश के दौरान छिपे अपराधियों ने पुलिस टीम को अपनी ओर आते देख अचानक फायरिंग कर दी। गोलीबारी में एसटीएफ के चालक हे.कां. भूपेन्द्र मर्तोलिया को छर्रा लग गया, जबकि रास्ते से गुजर रहे एक आम व्यक्ति को भी चेहरे पर चोट आई।
एसटीएफ टीम ने तत्परता दिखाते हुए एक आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया, जिसकी पहचान सुन्दर सिंह रेकड़ी निवासी गोल डांडा, चम्पावत के रूप में हुई। उसके फरार साथी का नाम यशोद सिंह मेहरा बताया गया है। पकड़े गए आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया कि वे लंबे समय से भालू और अन्य वन्यजीवों का अवैध शिकार कर उनकी पित्त की थैली ऊँची कीमत पर बेचते रहे हैं। घायल जवान और नागरिक को इलाज हेतु तत्काल हल्द्वानी अस्पताल ले जाया गया, जहां एसएसपी एसटीएफ ने स्वयं पहुंचकर उनका हाल जाना। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस उपाधीक्षक आर.बी. चभोला के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन कर सख्त निर्देश दिए गए हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और दोनों घायलों की हालत अब स्थिर बताई जा रही है।
