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आईआईटी में एडमिशन के नाम पर ठगे 18 लाख, पुलिस ने महिला समेत तीन को किया नामजद

रकम वापस मांगने पर हनी ट्रैप में फंसाकर मांगे एक करोड़

देहरादून: पौंधा स्थित एक स्कूल के शिक्षक और उसके साथियों ने एक छात्रा को आईआईटी रुड़की में प्रवेश दिलाने के नाम पर उसके परिजनों से करीब 18 लाख रुपए की धोखाधड़ी की है। छात्रा की शिकायत पर राजपुर पुलिस ने आरोपित शिक्षक व उसकी पत्नी समेत तीन आरोपितों को नामजद कर मुकदमा दर्ज किया है।

शिपरा विहार कालोनी कैनाल रोड की रहने वाली नेहा भल्ला ने पुलिस को दी शिकायत में शिक्षक रवींद्र सैनी, उनकी पत्नी सिद्धि कपूर और राजनीतिक संपर्क रखने वाले राजेश कुमरा पर धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता नेहा के अनुसार उनकी पुत्री पौंधा स्थित एक स्कूल में 12वीं की छात्रा थी। स्कूल के ही शिक्षक रवींद्र सैनी उनकी बेटी को होम ट्यूशन देते थे। रविंद्र सैनी ने उनसे कहा कि वह राजेश कुमरा के जरिए बेटी का प्रवेश आईआईटी रुड़की में ‘मिनिस्ट्री कोटे’ से करा सकते है। इसके लिए 22 लाख का खर्चा बताया गया और 15 लाख रुपए एडवांस में देने को कहा। भरोसे पर उनके पति अरुण कुमार भल्ला ने 15 लाख रुपए रवींद्र सैनी को दे दिए।

इसके बाद अन्य औपचारिकतों के नाम पर तीन लाख रुपए की अतिरिक्त मांग की गई। दबाव में आकर 2 लाख 80 हजार रुपए और दिए। अप्रैल 2025 में जब आईआईटी प्रवेश का परिणाम घोषित हुआ तो उनकी बेटी का नाम उसमें शामिल नहीं था। रुपए मांगने पर रवींद्र सैनी ने पहले राजेश कुमरा के ऑस्ट्रेलिया भाग जाने की बात कही। बाद में राजेश कुमरा ने अप्रैल 2025 के अंत तक प्रवेश दिलाने का झूठा आश्वासन दिया। जब उनके पति ने एफआईआर दर्ज कराने और स्कूल में शिकायत करने की बात कही तो साजिश के तहत सिद्धि कपूर ने कथित तौर पर मई 2025 में उनके पति को व्हाट्सएप कॉल करना और उन्हें अपनी बातों में फंसाने के लिए आपत्तिजनक फोटो भेजना शुरू कर दिया। जब उनके पति ने सिद्धि कपूर की हरकतों का विरोध किया और बात बंद करने को कहा तो सिद्धि कपूर ने उन्हें हनी ट्रैप के जाल में फंसाकर एक करोड़ रुपए की मांग की। पुलिस ने आरोपित रवींद्र कुमार, सिद्धि कपूर और राजेश कुमरा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।

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