श्रीनगर गढ़वाल: हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय प्रशासन ने शिक्षण व्यवस्था में आ रही अव्यवस्थाओं को गंभीरता से लेते हुए एक महत्वपूर्ण परिपत्र जारी किया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि कई कार्यरत शिक्षक अपने शिक्षण कार्य की जगह शोधार्थियों से क्लासेज लगवा रहे हैं, साथ ही बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के मुख्यालय से बाहर रह रहे हैं। इससे शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे कदाचार मानते हुए तत्काल प्रभाव से कड़ी पाबंदियाँ लागू कर दी हैं।
जारी आदेश के मुख्य बिंदु:
अब किसी भी शिक्षक की जगह पीएचडी शोधार्थी क्लास नहीं लेंगे।
कोई भी शिक्षक सक्षम अधिकारी तथा विभागाध्यक्ष/संयोजक की पूर्व अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ेगा।
सभी शिक्षक अपनी समय-सारणी (टाइम-टेबल) विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अनिवार्य रूप से अपलोड करेंगे।
आदेश कुलसचिव की अनुमति से जारी किया गया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन तक लगातार शिकायतें पहुँच रही थीं कि कई शिक्षक अपनी जिम्मेदारी शोधार्थियों पर डालकर स्वयं क्लास लेने से बच रहे हैं। साथ ही बिना अनुमति मुख्यालय से बाहर रहने की वजह से छात्रों की पढ़ाई बाधित हो रही थी। इसको देखते हुए कुलपति कार्यालय ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए सख्त कदम उठाया है।
