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बड़कोट में डॉ. अंगद राणा के स्थानांतरण पर जनआक्रोश, डीएम को ज्ञापन सौंपा

उत्तरकाशी: यमुनोत्री धाम के मुख्य पड़ाव बड़कोट स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) से चिकित्साधिकारी डॉ. अंगद राणा के स्थानांतरण के आदेश के बाद स्थानीय लोगों, व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। मंगलवार को व्यापार मंडल महामंत्री सोहन प्रसाद गैरोला के नेतृत्व में दर्जनों लोगों ने जिलाधिकारी उत्तरकाशी को ज्ञापन भेजकर यह स्थानांतरण आदेश निरस्त करने की मांग की।

ज्ञापन में कहा गया कि डॉ. राणा के कार्यकाल में सीएचसी बड़कोट की स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों, तीर्थयात्रियों और ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को समय पर बेहतर उपचार मिल रहा है। विशेष रूप से चारधाम यात्रा के दौरान बड़कोट जैसे महत्वपूर्ण पड़ाव पर अनुभवी चिकित्सक की मौजूदगी अत्यंत आवश्यक बताई गई। लोगों का कहना है कि ऐसे समय में उनका स्थानांतरण होने से स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता प्रभावित होगी और आम जनता व यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

युवा सामाजिक कार्यकर्ता महावीर सिंह पंवार ने भी स्वास्थ्य मंत्री से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि बड़कोट यमुनाघाटी का प्रमुख केंद्र है और यहां कुशल चिकित्सक की तैनाती जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थानांतरण आदेश वापस नहीं लिया गया तो जन आंदोलन किया जाएगा।

ज्ञापन पर मनीषा, अरविंद, विजय कुमार, त्रेपन सिंह, नीरज सहित कई ग्राम सभाओं के प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर हैं। इसी बीच पुरोला क्षेत्र में भी डॉ. मनोज असवाल के स्थानांतरण का विरोध शुरू हो गया है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि आदेश नहीं रोका गया तो वे आंदोलन करेंगे।

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