जयपुर: सांगानेर क्षेत्र के रामपुरा-कंवरपुरा गांव में शुक्रवार सुबह सरकारी स्कूल के निरीक्षण को लेकर CJP कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के बीच विवाद हो गया। स्कूल की व्यवस्थाओं और शिक्षा व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे कार्यकर्ताओं को ग्रामीणों ने स्कूल परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी बढ़ गई और मौके पर हंगामे की स्थिति बन गई।
जानकारी के मुताबिक, CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका की टीम स्कूल की स्थिति देखने गांव पहुंची थी। कार्यकर्ताओं के पहुंचने की जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने बाहरी लोगों के स्कूल परिसर में प्रवेश पर आपत्ति जताई। इसी दौरान रांका भी मौके पर पहुंचे, जिसके बाद विवाद और बढ़ गया।
CJP की ओर से आरोप लगाया गया कि कार्यकर्ताओं के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। कार्यकर्ता शिवांगी शर्मा ने दावा किया कि टीम के सदस्यों को आतंकवादी और नक्सली तक कहा गया। उनका कहना था कि टीम बच्चों की शिक्षा और स्कूल की समस्याओं को सामने लाने के लिए गांव पहुंची थी।
वहीं, आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए आरोप लगाया कि उनकी टीम के साथ भाजपा से जुड़े लोगों ने मारपीट की। उन्होंने दावा किया कि रामपुरा-कंवरपुरा का सरकारी प्राथमिक स्कूल लंबे समय से खराब स्थिति में है और बच्चों को असुविधाजनक परिस्थितियों में पढ़ना पड़ रहा है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
1999 के बाद से भवन की मरम्मत का इंतजार
ग्रामीण विष्णु कुमार शर्मा के अनुसार, गांव का प्राथमिक विद्यालय पहले कक्षा पांच तक संचालित होता था और स्कूल के लिए जमीन उनके परिवार के बुजुर्गों ने दी थी। उनके मुताबिक स्कूल भवन का निर्माण वर्ष 1999 में हुआ था, लेकिन लंबे समय से मरम्मत नहीं होने के कारण भवन जर्जर हो गया है।
फिलहाल ग्रामीणों ने एक बड़े भवन में दो कमरे उपलब्ध कराए हैं, जहां दो शिक्षक करीब 20 से 30 बच्चों को पढ़ा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल भवन के निर्माण के लिए बजट स्वीकृत होने की बात कही गई थी, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है।
ग्रामीणों ने कहा- जरूरत पड़ी तो खुद बनाएंगे भवन
ग्रामीण राजेश कुमार शर्मा ने आरोप लगाया कि स्कूल की समस्या को राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि गांव के लोग स्वयं स्कूल की स्थिति को लेकर चिंतित हैं और सरकार से जल्द निर्माण कार्य शुरू करने की मांग कर रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, करीब 12 लाख रुपये का बजट स्वीकृत होने की बात सामने आई है। यदि जल्द काम शुरू नहीं हुआ तो ग्रामीण आपसी सहयोग से स्कूल भवन तैयार कराने का प्रयास करेंगे। ग्रामीणों ने स्कूल के साथ-साथ गांव के पोलिंग बूथ को दूसरी जगह स्थानांतरित किए जाने का मुद्दा भी उठाया।
