हरिद्वार: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सोमवार को हरिद्वार स्थित मेला नियंत्रण सभागार में मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के विकास, प्रशासनिक सुधार, जनहितकारी योजनाओं और युवाओं के भविष्य से जुड़े कुल 13 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के फैसलों में सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए समूह ‘ग’ के वर्दीधारी पदों पर भर्ती से संबंधित नई नियमावली को स्वीकृति मिलना प्रमुख रहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य जनता से जुड़े निर्णय जनता के बीच जाकर लेना है। हरिद्वार में कैबिनेट बैठक आयोजित करना इसी सोच का हिस्सा है। बैठक में कुंभ मेला-2027 की तैयारियों, आधारभूत सुविधाओं, आवास, स्वास्थ्य, सांस्कृतिक गतिविधियों और आगामी विधानसभा सत्र से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की गई।

अग्निवीरों के लिए अहम फैसला
कैबिनेट ने सेवामुक्त अग्निवीरों की भर्ती से संबंधित नई नियमावली को मंजूरी दी है। इसके तहत समूह ‘ग’ के वर्दीधारी पदों पर भर्ती के लिए व्यवस्था निर्धारित की जाएगी। यह फैसला सैन्य सेवा पूरी कर चुके युवाओं के भविष्य और राज्य में उनके रोजगार के अवसरों की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, भर्ती में आरक्षण या अन्य लाभों का विस्तृत विवरण संबंधित नियमावली और आधिकारिक आदेश से स्पष्ट होगा।

हरिद्वार में बनेगा प्राच्य शोध संस्थान
हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान में मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के विकास के लिए सोसायटी के गठन को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। प्रस्तावित संस्थान के माध्यम से भारतीय योग, ध्यान, ज्योतिष और अन्य सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विषयों से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे हरिद्वार की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
कुंभ-2027 और विकास कार्यों पर जोर
बैठक में आगामी कुंभ मेले की तैयारियों और राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने से जुड़े विषयों पर भी विचार किया गया। इसके अलावा बाढ़ मैदानों के नियमन, अग्निशमन एवं आपात सेवाओं, किफायती आवास, जल एवं स्वच्छता मिशन और बाल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने वाली योजना से संबंधित प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई।

कैबिनेट ने उत्तराखंड के विकास कार्यों में लगातार सहयोग देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार भी व्यक्त किया। राज्य की पर्वतीय, सीमावर्ती और सामरिक परिस्थितियों को देखते हुए भविष्य में भी केंद्र से सहयोग जारी रखने की अपेक्षा जताई गई।

कैबिनेट के सभी 13 फैसले एक नजर में
1. केंद्र सरकार का आभार: उत्तराखंड के समग्र विकास में निरंतर सहयोग देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
2. मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान: संस्थान के विकास के लिए सोसायटी के गठन को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई।
3. निवेश एवं आधारभूत संरचना कानून: उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना विकास से संबंधित अधिनियम की अनुसूची में संशोधन को मंजूरी मिली।
4. जन विश्वास संशोधन विधेयक-2026: द्वितीय उत्तराखंड जन विश्वास संशोधन विधेयक, 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की स्वीकृति दी गई।
5. बाढ़ मैदान नियमन: उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली, 2026 को मंजूरी दी गई।
6. विधानसभा का तृतीय सत्र: उत्तराखंड की पंचम विधानसभा के वर्ष 2026 के तीसरे सत्र को आहूत करने के प्रस्ताव को स्वीकृति मिली।
7. अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक: उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक, 2026 को विधानसभा में पेश करने की मंजूरी दी गई।
8. सेवामुक्त अग्निवीरों की भर्ती: समूह ‘ग’ के वर्दीधारी पदों पर सेवामुक्त अग्निवीरों की भर्ती से संबंधित नई नियमावली को मंजूरी दी गई।
9. संस्कृति विभाग में संशोधन: संस्कृति विभाग में वित्तीय अधिकारों से संबंधित व्यवस्था में बदलाव को स्वीकृति दी गई।
10. जल एवं स्वच्छता मिशन के पद: स्वजल तथा राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 215 पदों की निरंतरता को मंजूरी दी गई।
11. हरिद्वार आवासीय परियोजना: किफायती आवासीय परियोजना के पहुंच मार्ग की चौड़ाई के मामले में निर्धारित नियमों के तहत शिथिलता देने को मंजूरी दी गई।
12. ऊधम सिंह नगर में त्रुटि सुधार: भू-उपयोग परिवर्तन से संबंधित शासनादेश में खसरा संख्या की त्रुटि को ठीक करने की मंजूरी दी गई।
13. मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना: बच्चों की वीरता को सम्मानित और प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना को मंजूरी दी गई।

हरिद्वार में हुई इस कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसले रोजगार, प्रशासनिक सुधार, आधारभूत संरचना और सांस्कृतिक संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े हैं। विशेष रूप से अग्निवीरों की भर्ती नियमावली, बाल वीरता पुरस्कार योजना और जल एवं स्वच्छता मिशन के पदों की निरंतरता से संबंधित निर्णयों पर लोगों की नजर रहेगी। इन प्रस्तावों के क्रियान्वयन और विस्तृत नियमों की जानकारी संबंधित विभागों के आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद स्पष्ट होगी।
