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भराड़ीसैंण में विधानसभा सत्र शुरू, 1500 सुरक्षाकर्मी तैनात, गैरसैंण को जिला बनाने की उठी मांग

बैरिकेडिंग पर रोके जाने से नाराज गोदियाल और महरा धरने पर बैठे, 1500 सुरक्षाकर्मी तैनात
7 हजार करोड़ से अधिक का अनुपूरक बजट होगा पेश

भराड़ीसैंण (गैरसैंण):  उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में मंगलवार से दो दिवसीय विधानसभा सत्र शुरू हो गया। 27 और 28 अक्टूबर तक चलने वाले इस सत्र में राज्य सरकार सात हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट सदन में पेश करेगी। बजट प्रस्ताव को मंत्रिमंडल पहले ही मंजूरी दे चुका है। सत्र के पहले दिन जहां सरकार की ओर से वित्तीय और जनहित से जुड़े विषय सदन में रखे जाने हैं, वहीं विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी की है।

सत्र के पहले ही दिन विधानसभा परिसर के बाहर राजनीतिक सरगर्मी तेज रही। कांग्रेस, प्रदेश प्रधान संगठन और उत्तराखंड क्रांति दल ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन और विधानसभा घेराव का ऐलान किया है। विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। क्षेत्र में करीब 1500 पुलिसकर्मियों और सुरक्षा जवानों की तैनाती की गई है। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए लोहे के गेट और कंटीले तारों से बैरिकेडिंग की गई है।

बैरियर पर रोके गए कांग्रेस नेता, धरने पर बैठे

विधानसभा घेराव के लिए भराड़ीसैंण की ओर कूच कर रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने दुकमुतासैण बैरियर पर रोक दिया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा सहित कई कार्यकर्ता बैरिकेडिंग के आगे नहीं बढ़ सके। इससे नाराज कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मौके पर धरना शुरू कर दिया।

कांग्रेस ने सत्र के दौरान प्रदेश की जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार की जवाबदेही तय करने की रणनीति बनाई है। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या ने विधानसभा सत्र से पहले हुई कांग्रेस विधानमंडल दल की बैठक का वीडियो साझा किया। उन्होंने कहा कि बैठक में प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा की गई है। विपक्ष सदन के भीतर जनता की आवाज मजबूती से उठाएगा और जनविरोधी नीतियों का विरोध करेगा।

भाजपा विधायक दल की बैठक में सत्र की रणनीति पर चर्चा

विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले भाजपा विधानमंडल दल की बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बैठक की तस्वीर साझा करते हुए बताया कि मंत्रियों और विधायकों के साथ सदन की कार्यवाही, जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों तथा प्रदेश के विकास एवं जनकल्याण के मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।

इससे पहले मुख्यमंत्री धामी ने विधानसभा भवन में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण से मुलाकात भी की। सत्र को सुचारु रूप से संचालित करने और सदन में उठने वाले महत्वपूर्ण विषयों को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी तैयारियां पूरी की हैं।

सदन में 445 सवालों के जरिए सरकार को घेरेगा विपक्ष

दो दिवसीय सत्र के दौरान विपक्ष की ओर से मंत्रियों से पूछे जाने के लिए 445 सवाल सूचीबद्ध किए गए हैं। इन सवालों के माध्यम से विभिन्न विभागों के कामकाज और प्रदेश से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगे जाएंगे। इसके साथ ही सदन में कई अध्यादेश भी प्रस्तुत किए जाने हैं। कम अवधि के सत्र में विधायी कार्यवाही और जनहित के मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के बीच बहस होने की संभावना है।

गैरसैंण को जिला बनाने की मांग

दो दिवसीय विधानसभा सत्र से ठीक पहले गैरसैंण क्षेत्र में सियासी पारा चढ़ गया है. एक ओर जहां क्षेत्रीय जनता, जनप्रतिनिधियों व उत्तराखंड राज्य आन्दोलनकारियों ने सरकार से गैरसैंण को जिला घोषित करने की मांग की है, तो वहीं दूसरी ओर मात्र दो दिवसीय इस सत्र को लेकर सरकार को आड़े हाथों भी लिया है. क्षेत्रवासियों का कहना है कि सत्र के नाम पर पहाड़ की भावनाओं के साथ लगातार छलावा किया जा रहा है. स्थानीय निवासियों ने गैरसैंण में केंद्रीय विद्यालय खोलने की मांग भी की है.

वित्त आयोग और मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट भी होगी पेश

सत्र के पहले दिन छठे राज्य वित्त आयोग की रिपोर्ट सदन के पटल पर रखे जाने का कार्यक्रम है। मुख्यमंत्री संविधान के अनुच्छेद 243(आई) और 243(वाई) तथा उत्तराखंड पंचायती राज अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत आयोग की रिपोर्ट और उस पर सरकार की ओर से की गई कार्रवाई का विवरण प्रस्तुत करेंगे।

इसके अतिरिक्त उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग की वर्ष 2019 से 2022 तक की वार्षिक एवं विशेष रिपोर्ट पर सरकार की कार्रवाई से संबंधित प्रतिवेदन भी सदन के सामने रखा जाएगा। विधानसभा की विभिन्न विशेषाधिकार समितियों के प्रतिवेदन भी प्रस्तुत किए जाने हैं। इन दस्तावेजों के माध्यम से विधायकों को संबंधित संस्थाओं के कामकाज और सरकार की कार्रवाई की जानकारी मिलेगी।

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