रामनगर: कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रस्तावित दौरे से पहले ही राजनीतिक माहौल गरमा गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम से पहले ही विरोध प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया और सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर की।
कार्यक्रम से पहले ही शुरू हुआ विरोध
कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता नीरज तिवारी ने बताया कि पार्टी पहले ही प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए विरोध का ऐलान कर चुकी थी। तय रणनीति के तहत कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और स्थानीय समस्याओं को जोर-शोर से उठाया। उनका दावा है कि विरोध की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया।
स्वास्थ्य और प्रशासनिक मुद्दों पर घेरा
कांग्रेस नेताओं ने क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं—स्वास्थ्य सेवाएं, चिकित्सा सुविधाएं और प्राधिकरण से जुड़े मुद्दों—को गंभीर बताया। उनका कहना है कि इन समस्याओं का सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है और लंबे समय से इनका समाधान नहीं हो पाया है।
जनप्रतिनिधियों ने भी जताई चिंता
जिला पंचायत सदस्य ने भी क्षेत्र में जारी समस्याओं पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों को कई बार प्रशासन के सामने उठाया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो हालात और बिगड़ सकते हैं।
रणनीति बदली, सांकेतिक विरोध जारी
कांग्रेस नेता पीयूष बिष्ट ने बताया कि मुख्यमंत्री कालाढूंगी के गैबुआ क्षेत्र में एक निजी स्कूल के कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे। इसी को देखते हुए विरोध की तैयारी की गई थी। हालांकि, कार्यक्रम रद्द होने के बाद काले झंडे दिखाने का फैसला वापस ले लिया गया, लेकिन सांकेतिक रूप से पुतला दहन कर विरोध जारी रखा गया।
शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल
कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश की शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि पिछले कुछ वर्षों में बड़ी संख्या में प्राथमिक विद्यालय बंद हुए हैं और सरकारी अस्पतालों की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है।
