जांच में कूटरचित दस्तावेज मिलने पर शिक्षा विभाग की सख्त कार्रवाई, डोईवाला के प्राथमिक विद्यालय में थी तैनाती
देहरादून: उत्तराखंड के देहरादून जिले में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने के मामले में शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाया है। डोईवाला क्षेत्र के एक राजकीय प्राथमिक विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापिका को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।
यह मामला डोईवाला के राजकीय प्राथमिक विद्यालय जौलीग्रांट प्रथम का है, जहां सीमा देवी नामक सहायक अध्यापिका कार्यरत थीं। उन पर आरोप था कि उन्होंने अनुसूचित जाति (SC) का फर्जी प्रमाणपत्र प्रस्तुत कर आरक्षित वर्ग का लाभ लेते हुए नौकरी प्राप्त की।
शिकायत मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान संबंधित अभिलेखों से प्रमाणपत्र की सत्यता की पुष्टि कराई गई, जिसमें दस्तावेज कूटरचित पाया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) ने तत्काल प्रभाव से उनकी सेवाएं समाप्त कर दीं।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, आरक्षण व्यवस्था के दुरुपयोग और फर्जी प्रमाणपत्रों के जरिए नौकरी पाने के मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस तरह की शिकायतों पर कड़ी जांच और कार्रवाई जारी रहेगी।
मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल ने कहा कि पात्र अभ्यर्थियों के अधिकारों की रक्षा के लिए इस प्रकार की कार्रवाई आवश्यक है।
