भारत के रविचंद्रा जो अभी हांगकांग की एक कंपनी अमोली इंटरप्राइजेज लिमिटेड के सीएफओ है को 2015 में पता चला कि वह टाइप 2 डायबिटीज का शिकार हो चुके हैं टाइप 2 डायबिटीज में व्यक्ति के सेल्स इंसुलिन का इस्तेमाल सही तरीके से नहीं कर पाते जिसके कारण ब्लड शुगर लेवल बढ़ने लगता है यह बीमारी खतरनाक है क्योंकि इसका अभी तक कोई भी सटीक इलाज नहीं मिल पाया है यानी एक बार डायबिटीज हो जाने के बाद यह जीवन भर रहती है मगर अभी हाल फिलहाल में एक मामला सामने आया है जिसे एक डायबिटीज के मरीज ने इस कंडीशन को रिवर्स करके दिखा दिया वह भी बिना किसी दवाई की मदद लिए हुए जब रविचंद्रा को यह पता चला कि वह डायबिटिक है तो उन्होंने फैसला किया वह कोई दवाई का सहारा नहीं लेंगे रविचंद्रा का मानना है की एक बार दवाई शुरू करने के बाद इसका डोज बढ़ता जाता है कभी कम नहीं होता इसलिए उन्होंने ठान ली कि वह प्राकृतिक तरीके से डायबिटीज का इलाज करेंगे उन्होंने अपनी दिनचर्या में बदलाव कर दिए उन्होंने नियमित रूप से 10 किलोमीटर रनिंग करना शुरू कर दिया सबसे पहले उन्होंने शुरू में आप वॉक करना शुरू किया धीरे-धीरे अपना स्टेमिना बढ़ाने के लिए रनिंग करनी शुरू की फिर धीरे-धीरे उनका स्टैमिना इतना बढ़ गया की एक दिन में बिना रुके10 किलोमीटर दौड़ पाते हैं और तो और सिर्फ 3 महीने बाद ही उनका ब्लड शुगर लेवल नॉर्मल हो गया साथ ही साथ उन्होंने अपने खान-पान के तरीकों में भी बदलाव किया वह ज्यादातर सिर्फ शाकाहारी खाना ही खाते हैं रविचंद्रा अपनी डाइट में काफी कम मात्रा में चिकन शामिल करते हैं वह ब्रेकफास्ट में इडली, डोसा, दही चावल जैसे फूड खाते हैं जिससे वह पूरे दिन एनर्जी से भरपूर रहते हैं लंच और डिनर के लिए वह चावल और सब्जियां खाते हैं और साथ ही साथ सेब और संतरा जैसे फलों का भी सेवन करते हैं इस तरीके से चंद्र ने अपनी डायबिट्स पर कंट्रोल पाया
