Udayprabhat
uttrakhandराज्य

सरकार से उठा भरोसा, सेरा-तेवाखर्क मोटर मार्ग का निर्माण खुद करेंगे ग्रमीण

चमोली| गैरसेंण में 12 साल स्वीकृतसेरा-तेवाखर्क सड़क को आज तक वित्तीय स्वीकृति नहीं दिए जाने पर ग्रामीणों का धैर्य टूटता जा रहा है. विभागीय दरवाजों पर दस्तक देने के बावजूद कुछ भी हासिल नहीं हो सका जब कि जन प्रतिनिधियों ने भी ग्रामीणों की गुहार को अनसुना कर दिया. कागजी विकास से तंग आकर गांववालों ने अब कुद ही इस मोटर मार्ग को बनाने का काम अपने हाथ में ले लिया है.

गांववालों ने अपने फैसले की जानकारी अधिकारियों को देते हुए कहा कि इस 26 जनवरी से असली लड़ाई की शुरुआत होगी.

http://udayprabhat.co.in/hindi-news-breaking-fire-breaks-out-in-coronavirus-vaccine-manufacturer-serum-institute-of-india/

पूरा मामला चमोली जनोद के गैरसैंण विकास खण्ड का है. जहाँ 12 वर्ष पूर्व खनसर घाटी के कालीमाटी-सेरा-तेवाखर्क मोटर सड़क को स्वीकृति मिली. कार्यदायी संस्था लोनिवि(PWD) द्वारा सड़क समरेखण कर वनविभाग की मदद से प्रस्तावित सड़क में बाधक बन रहे पेड़ो के काटने की प्रक्रिया पूरी किये जाने के बाद वर्षों लम्बी चुप्पी से ग्रामीणों में निरन्तर आक्रोश पनपने लगा. पिछले साल फरवरी में सैकड़ों ग्रामीणों ने तहसील मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन कर अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल शुरू की लेकिन क्षेत्रीय विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी ने आंदोलनरत ग्रामीणों को 2 महीने के भीतर सड़क निर्माण शुरू किये जाने का लिखित वादा करके हड़ताल समाप्त करवाई.
अब 11 महीने बाद भी जमीन पर कुछ भी होता नहीं देख अब ग्रामीणों का सरकार से भरोसा पूरी तरह टूट चुका है. हालांकि मामले में विधायक कोरोना महामारी का हवाला देकर जल्दी ही सड़क पर कार्य किये जाने की पैरवी कर रहे हैं किंतु सड़क संघर्ष समिति के अध्यक्ष दयाल सिंह व सचिव हुकम सिंह का कहना है कि अब किसी भी प्रकार की बहानेबाजी ग्रामीणों को भ्रमित नहीं कर सकती है.

 

http://udayprabhat.co.in/this-years-budget-session-will-be-held-in-gairsain-cm-rawat-invites-public-suggestions/

 

Leave a Comment