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सरकारी योजना का झांसा देकर महिला के खाते से ₹35,000 गायब
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देहरादून में निवेश के नाम पर ₹1.87 करोड़ की बड़ी ठगी
पिथौरागढ़: उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के गंगोलीहाट क्षेत्र में साइबर अपराधियों ने एक गर्भवती महिला को अपना शिकार बनाया। ठगों ने बेहद चालाकी से खुद को देहरादून के डिजिटल हेल्थ विभाग का कर्मचारी बताते हुए आंगनबाड़ी से जुड़ी सरकारी योजनाओं का लालच दिया।
महिला को विश्वास में लेकर उससे उसकी बैंकिंग जानकारी, OTP और अन्य संवेदनशील विवरण हासिल कर लिए गए, जिसके बाद उसके खाते से ₹35,000 की धनराशि निकाल ली गई।
इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र में खासतौर पर महिलाओं के बीच भय का माहौल बन गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि साइबर ठग अब विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं और सरकारी लाभार्थियों को निशाना बना रहे हैं। यह न केवल आर्थिक नुकसान का कारण बन रहा है, बल्कि सरकारी योजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं पर जनता का भरोसा भी कमजोर कर रहा है।
गंगोलीहाट कोतवाली और साइबर सेल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस संदिग्ध नंबरों को ट्रेस कर रही है।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है: किसी भी अनजान कॉल पर OTP, PIN या बैंक डिटेल साझा न करें, संदिग्ध स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर सूचना दें।
इस घटना के बाद आशा कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य केंद्र में एकत्र होकर पीड़िता को जल्द राहत देने और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
ओएनजीसी के रिटायर्ड अधिकारी से ठगी
दूसरी ओर, देहरादून में साइबर अपराधियों ने ONGC के एक सेवानिवृत्त अधिकारी को फर्जी निवेश योजना का लालच देकर ₹1.87 करोड़ की ठगी कर ली। ठगों ने व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का सपना दिखाया और धीरे-धीरे अधिकारी को अपने जाल में फंसा लिया। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित पुलिस के पास पहुंचा. रिटायर्ड अधिकारी की शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.
