सिर पर पगड़ी, माथे पर लाल टीका, हाथ में चमचमाती तलवार, कठबद्दी मेले में रचा भक्ति का अद्भुत संसार
पौड़ी गढ़वाल: जनपद पौड़ी के ग्वाड़ गांव में पारंपरिक कठबद्दी मेले का उत्सव धूमधाम के साथ मनाया गया। रविवार और सोमवार को आयोजित इस मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। यह मेला हर साल ग्वाड़ और कोठगी गांवों में बारी-बारी से मनाया जाता है, और इस बार ग्वाड़ में अद्वितीय उल्लास के साथ संपन्न हुआ।

रविवार को देवताओं की पूजा-अर्चना के साथ मेले का शुभारंभ हुआ। रातभर ढोल-दमाऊं की गूंज के बीच जागरण और देव मंडाण से धार्मिक माहौल और भी भक्ति से ओतप्रोत हो गया। सोमवार सुबह देव स्नान और विधिवत पूजा के बाद कुल देवताओं का सम्मान किया गया।
कठबद्दी को रस्सियों के सहारे आगे बढ़ाते समय श्रद्धालुओं ने आर्त उत्साह के साथ जयकारे लगाए। यह आयोजन गांव की एकता और देवताओं की शक्ति का प्रतीक माना जाता है। कठबद्दी को खिसकाते समय ग्रामीणों ने महसूस किया कि वे एकजुट होकर हर बाधा का सामना करने में सक्षम हैं।

इस मेले में देवताओं की कृपा से अच्छी फसल और गांव की समृद्धि की कामना की जाती है। श्रद्धालु विश्वास करते हैं कि मेले के दौरान कुल देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त करने से पूरे वर्ष सुख-शांति बनी रहती है। कठबद्दी खिसकाने की प्रक्रिया में सभी लोग अपने-अपने ढंग से सक्रिय भागीदारी निभाते हैं, जो इस धार्मिक उत्सव को और भी विशेष बनाता है।
