देहरादून: राज्य में कोरोना संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी के बाद, स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों को निर्देश दिया है कि वे विशेष रूप से फ्लू ओपीडी का संचालन करें। इससे खांसी, जुकाम और बुखार से ग्रस्त मरीजों का उपचार सही तरीके से किया जा सकेगा।
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय में इस फ्लू ओपीडी की शुरुआत में थोड़ी समय लग सकती है। कॉलेज की प्राचार्य, डॉ. गीता जैन ने जानकारी दी कि इस सप्ताह अस्पताल में रेस्पिरेटरी इलनेस के लिए एक फ्लू क्लीनिक स्थापित किया जाएगा, जिसके बाद सभी संबंधित मरीजों का इलाज अलग से किया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि दून अस्पताल कोविड-19 के प्रति पूरी तरह सतर्क है। अब तक यहां कोई कोरोना संक्रमित मरीज नहीं पाया गया है। डॉ. जैन ने बताया कि कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए 20 आईसीयू और 10 पीडियाट्रिक बेड आरक्षित कर दिए गए हैं। अस्पताल में कोरोना की जांच निशुल्क की जाएगी और इसके लिए आवश्यक किट भी उपलब्ध हैं। अतिरिक्त किटों की मांग भी सरकार को भेजी जा चुकी है।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में कोरोना वायरस के सक्रिय मामलों की संख्या 1009 हो गई है, जिसमें से 752 मरीज 19 मई 2025 के बाद नए पाए गए हैं। राहत की बात यह है कि इस दौरान 305 मरीज ठीक भी हुए हैं, वहीं 7 लोगों की जान चली गई है। कोरोना के मामलों में केरल, महाराष्ट्र, दिल्ली और गुजरात शीर्ष पर हैं।
उत्तराखंड में अब तक कोरोना के 3 मरीज सामने आए हैं, जो अन्य राज्यों से आए थे। विशेषज्ञों के अनुसार, ओमिक्रोन JN.1 वेरिएंट का संक्रमण लगातार फैल रहा है, जिससे सतर्क रहना आवश्यक है।
