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अंकिता भंडारी हत्याकांड: हत्या के दोषी सौरभ भास्कर ने सजा के बाद हंसते हुए हिलाया हाथ, उम्रकैद से संतुष्ट नहीं मां-बाप, फांसी की लगाई गुहार

पौड़ी गढ़वाल: उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में शुक्रवार को कोटद्वार की एडीजे कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया। अदालत ने इस जघन्य अपराध के तीनों अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट के इस निर्णय को पीड़िता को न्याय मिलने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रीना नेगी की अदालत ने पूर्व बीजेपी नेता विनोद आर्य के पुत्र पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी करार दिया। तीनों को अब शेष जीवन जेल में बिताना होगा।

हालांकि, सजा सुनाए जाने के पश्चात जब दोषियों को अदालत से बाहर लाया गया, तो वहां उपस्थित लोगों में आक्रोश की लहर दौड़ गई। सौरभ भास्कर, जो कि एक दोषी है, कोर्ट से निकलते समय हँसता हुआ दिखाई दिया और उसने लोगों की ओर हाथ भी लहराया। यह दृश्य कैमरे में कैद हो गया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।

लोगों का कहना है कि सौरभ को अपने कृत्य पर कोई पछतावा नहीं है और उसका व्यवहार बेहद अमानवीय था। कई लोगों ने यह मांग भी उठाई कि ऐसे निर्दयी दोषी को और कठोर दंड मिलना चाहिए।

 

 तीनों दोषियों को उम्रकैद, परिजन फांसी की सजा चाहते हैं.

कोटद्वार की एडीजे कोर्ट ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को IPC की धाराओं 302, 201 और 354 में दोषी पाते हुए उम्रकैद और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। साथ ही अदालत ने मृतका के परिवार को चार लाख रुपये देने का आदेश दिया।

फैसले के बाद अंकिता के माता-पिता ने असंतोष जताते हुए कहा कि वे दोषियों को फांसी की सजा दिलवाने के लिए हाईकोर्ट में अपील करेंगे। उनका कहना है कि उम्रकैद काफी नहीं, दोषियों को सार्वजनिक रूप से फांसी दी जानी चाहिए।

 

 

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