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हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के दौरान दो बाइकों में लगी आग, बड़ा हादसा टला, पुलिस और लोगों की तत्परता से बची कई जानें

हरिद्वार: कांवड़ मेले के अंतिम चरण में हरिद्वार में दो अलग-अलग स्थानों पर बाइक में आग लगने की घटनाओं ने अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया। गनीमत रही कि दोनों हादसों में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, और समय पर कार्रवाई कर संभावित बड़े हादसे को टाल दिया गया।

पहली घटना मंगलवार को गुरुकुल कांगड़ी फ्लाईओवर पर हुई, जहां डाक कांवड़ लेकर जा रहे एक कांवड़िए की चलती मोटरसाइकिल में अचानक आग लग गई। आग इतनी तीव्र थी कि कुछ ही क्षणों में बाइक धू-धू कर जलने लगी और पूरी तरह से राख में तब्दील हो गई। आसपास मौजूद लोग और ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने तत्काल स्थिति को संभालने की कोशिश की। गुरुकुल कट पर ड्यूटी निभा रहे एडिशनल ट्रैफिक सब-इंस्पेक्टर (Adl. TSI) दीवान सिंह तोमर और कॉन्स्टेबल टीपी शेर सिंह ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया।

शुरुआत में पानी की बोतलों से आग पर काबू पाने की कोशिश की गई, लेकिन आग की गंभीरता को देखते हुए यह प्रयास नाकाफी साबित हुआ। इसी बीच, वहां मौजूद एक ट्रक ड्राइवर से अग्निशामक यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) लेकर आग पर काबू पाया गया। पुलिस और आम नागरिकों की तत्परता की वजह से बाइक सवार कांवड़िया समय रहते सुरक्षित नीचे उतर सका और एक बड़ी दुर्घटना टल गई।

दूसरी घटना सोमवार की शाम को हरिद्वार के केबल पुल पर हुई, जहां एक अन्य कांवड़िए की चलती बाइक में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते बाइक आग के गोले में तब्दील हो गई और चारों ओर धुआं फैल गया। मौके पर मौजूद पुलिस बल ने तुरंत दोनों ओर का ट्रैफिक रोक दिया ताकि किसी तरह की अव्यवस्था या दुर्घटना न हो। इसके बाद फायर ब्रिगेड की मदद से आग पर काबू पाया गया। हालांकि बाइक पूरी तरह जलकर राख हो गई, लेकिन बाइक सवार समय रहते उतर गया, जिससे कोई जान का नुकसान नहीं हुआ।

कांवड़ मेला इस समय अपने चरम पर है और आज (मंगलवार) इसका अंतिम दिन है। कल यानी बुधवार को सावन शिवरात्रि के अवसर पर सभी कांवड़िए गंगाजल चढ़ाने के लिए अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना होंगे। इस कारण हरिद्वार में भारी भीड़ उमड़ रही है और डाक कांवड़ की रफ्तार तेज हो गई है। कांवड़िए बड़ी संख्या में बाइक, स्कूटर और अन्य तेज़ गतिवाले वाहनों से सफर कर रहे हैं.

हरिद्वार के एसएसपी अजय सिंह ने भी बयान जारी करते हुए कहा कि, “कांवड़ मेले के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए हर स्थान पर पुलिस और सुरक्षा बल तैनात हैं। सभी आगंतुकों और कांवड़ियों से अनुरोध है कि वे सहयोग करें और सावधानी बरतें।”

कांवड़ मेले में लाखों श्रद्धालु हरिद्वार, ऋषिकेश, नजीबाबाद, मुजफ्फरनगर, मेरठ, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और यूपी के अन्य शहरों से पहुंचते हैं। हर साल की तरह इस बार भी डाक कांवड़ की संख्या में भारी इजाफा हुआ है, जो कि हाई-स्पीड बाइक से जल लेकर अपने गंतव्य तक तेजी से पहुंचते हैं। यह परंपरा जहां धार्मिक आस्था का प्रतीक है, वहीं इसमें शामिल जोश और स्पीड कई बार खतरनाक भी साबित हो सकता है।

प्रशासन द्वारा लगातार फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस, ट्रैफिक पुलिस और स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से हर कोने पर निगरानी की जा रही है। साथ ही मेडिकल टीम और रेस्क्यू टीमें भी अलर्ट पर हैं।

इन दोनों घटनाओं में जहां समय रहते आग पर काबू पाया गया और किसी तरह की जनहानि नहीं हुई, वहीं यह घटनाएं भविष्य के लिए एक सबक हैं कि श्रद्धा और सुरक्षा, दोनों का संतुलन बनाए रखना बेहद ज़रूरी है।

हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के दौरान बाइक में आग लगने की दो घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भीड़, गर्मी और तेज गति का मेल कई बार खतरनाक हो सकता है। हालांकि पुलिस, फायर ब्रिगेड और स्थानीय लोगों की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया, लेकिन भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए सभी को सतर्क और जिम्मेदार होना होगा।

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