विदाई में भावनाएं, मंच पर उमंग, डॉ. कोठियाल ने किया ज़बरदस्त डांस
श्रीनगर के लोकप्रिय फिजिशियन ने विदाई समारोह में किया भावुक संबोधन और उत्साह से भरा डांस, निजी क्लिनिक से सेवा जारी रखने की घोषणा.
श्रीनगर, गढ़वाल: गढ़वाल क्षेत्र के हज़ारों दिलों में बसे और दशकों से श्रीनगर के संयुक्त अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. सुरेश कोठियाल शुक्रवार को सेवानिवृत्त हो गए। जनसेवा को जीवन का उद्देश्य मानने वाले डॉ. कोठियाल ने न केवल रोगियों का इलाज किया, बल्कि अपनी आत्मीयता, मधुर वाणी और सौम्य स्वभाव से मरीजों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी।
उनकी चिकित्सा सेवाओं को सिर्फ औपचारिक इलाज तक सीमित नहीं कहा जा सकता। मरीज उनके पास केवल दवाएं लेने नहीं, बल्कि मानसिक शांति पाने आते थे। कहा जाता है कि उनके पास बैठते ही मरीज की आधी पीड़ा दूर हो जाती थी। उनका सटीक निदान और समय पर दी गई दवा कई बार रोगियों के लिए संजीवनी सिद्ध हुई।
भावुक विदाई और ऊर्जा से भरपूर मंच प्रस्तुति
संयुक्त अस्पताल परिसर में आयोजित विदाई समारोह एक भावनात्मक और उल्लासपूर्ण आयोजन बन गया। जहां चिकित्सक, अस्पताल स्टाफ और भारी संख्या में मौजूद लोगों ने डॉ. कोठियाल को गर्मजोशी से विदाई दी। वर्षों से गंभीर और संयमित व्यक्तित्व के लिए पहचाने जाने वाले डॉ. साहब ने मंच पर आते ही सबको चौंका दिया। उन्होंने पूरे जोश से डांस कर माहौल में उत्साह भर दिया। उनका यह उत्साही और चुलबुला अंदाज देख सभी की आंखें खुशी से भर आईं।
स्टाफ और मौजूद लोगों ने तालियों से उनका स्वागत किया और उनके साथ डांस में भी शामिल हुए। समारोह के ये पल कैमरों में कैद किए गए और सबके लिए यादगार बन गए।
‘आपका स्नेह मेरी सबसे बड़ी पूंजी’ – डॉ. कोठियाल
अपने विदाई संबोधन में डॉ. कोठियाल भावुक हो उठे। उन्होंने कहा,
“राजकीय सेवा का यह सफर मेरे लिए प्रेरणादायक और अत्यंत संतोषजनक रहा। मैंने हमेशा कोशिश की कि मरीज सिर्फ शरीर से नहीं, मन से भी स्वस्थ हो। आप सभी ने जो स्नेह दिया, वह मेरे जीवन की सबसे अनमोल संपत्ति है।”
सेवा जारी रहेगी—निजी क्लिनिक में मिलेगा अनुभव का लाभ
सेवानिवृत्ति के बाद भी डॉ. कोठियाल चिकित्सा सेवा से अलग नहीं होंगे। बताया गया है कि वे श्रीनगर में स्थित अपने निजी क्लिनिक के माध्यम से लोगों की सेवा जारी रखेंगे। यानी श्रीनगर की जनता को उनका स्नेह, अनुभव और मार्गदर्शन पहले की ही तरह मिलता रहेगा।
