धारी देवी मंदिर श्रीनगर में भी पुलिस की सख्ती, फर्जी साधु बनकर ठगी कर रहे सात लोग गिरफ्तार.
हल्द्वानी: नैनीताल जनपद के हल्द्वानी शहर में शनिवार, 2 अगस्त को उस समय हड़कंप मच गया जब पुलिस ने बनभूलपुरा इलाके में व्यापक स्तर पर सत्यापन अभियान चलाया। सुबह से शुरू हुए इस अभियान में एसपी सिटी, सीओ, कोतवाल समेत करीब 300 पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस ने इलाके की चारों ओर से घेराबंदी कर वाहन चेकिंग के साथ ही संदिग्ध लोगों से पूछताछ की और दस्तावेजों की जांच शुरू की।
बनभूलपुरा क्षेत्र में एक साथ इतने पुलिसकर्मियों की तैनाती और चप्पे-चप्पे पर चेकिंग देख स्थानीय लोगों में अफरातफरी मच गई। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक नियमित अभियान था, जिसका उद्देश्य शहर में अवैध रूप से रह रहे बाहरी लोगों की पहचान करना और असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाना था।
सीओ सिटी नितिन लोहनी ने बताया कि यह अभियान खासकर उन लोगों पर केंद्रित था, जो अन्य राज्यों या देशों से आकर हल्द्वानी में रह रहे हैं। कई लोगों के दस्तावेज जांचे गए और जिनके पास दस्तावेज नहीं मिले, उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने यह भी कहा कि आगे भी ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे।
गौरतलब है कि हाल ही में रेलवे, जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने हल्द्वानी के कई इलाकों में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की थी। इसी दौरान पता चला था कि कुछ नेपाली मूल के लोगों ने फर्जी दस्तावेज बनवाकर भारत में रहना शुरू कर दिया था और रेलवे की जमीन पर अवैध निर्माण भी कर लिया था। इसके बाद से ही प्रशासन सख्ती के मूड में है।
इसी क्रम में गढ़वाल मंडल के श्रीनगर स्थित प्रसिद्ध धारी देवी मंदिर के पास भी पुलिस ने “कालनेमि अभियान” के तहत फर्जी साधु-संतों के खिलाफ कार्रवाई की। धारी देवी चौकी इंचार्ज विजय सैलानी ने बताया कि अभियान के तहत सात ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया गया, जो साधु का वेश धारण कर श्रद्धालुओं से डर और आस्था के नाम पर धन ऐंठने का काम कर रहे थे। पूछताछ में पता चला कि ये सभी लोग भिक्षावृत्ति और ठगी के उद्देश्य से मंदिर क्षेत्र में सक्रिय थे।
पुलिस का कहना है कि धार्मिक स्थलों की गरिमा बनाए रखने और आम लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसे अभियान भविष्य में और भी तीव्रता से चलाए जाएंगे।
