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मुख्य चुनाव आयुक्त पर महाभियोग की तैयारी, खरगे के दफ्तर में विपक्ष की बड़ी मीटिंग

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष महाभियोग प्रस्ताव ला सकता है.
संसद में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के दफ्तर में विपक्षी नेताओं की बड़ी बैठक हुई. खबर है कि इस बैठक में Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने पर चर्चा हुई है.

बिहार में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन(SIR) और वोट चोरी के आरोपों के बीच विपक्ष चुनाव आयोग के खिलाफ एकजुट होता दिख रहा है. खबर है कि विपक्ष की तरफ से मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव (Impeachment Motion) लाने की तैयारी चल रही है. संसद में 18 अगस्त को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) के दफ्तर में INDIA गठबंधन के नेताओं की बैठक हुई. सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में CEC के खिलाफ सदन में महाभियोग प्रस्ताव लाने पर चर्चा हुई है.

NDIA गठबंधन बिहार में वोटर लिस्ट से नाम काटे जाने के साथ ही वोटों की चोरी और पक्षपात को लेकर चुनाव आयोग पर लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं. बताया जा रहा कि विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के व्यवहार से भी नाराज है. कांग्रेस सांसद सैयद नासिर हुसैन ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की संभावना पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि इस विषय पर पार्टी के भीतर कोई विचार-विमर्श नहीं हुआ है, लेकिन यदि जरूरत पड़ी तो नियमों के मुताबिक कांग्रेस महाभियोग प्रस्ताव ला सकती है.

संसद परिसर में विपक्ष का प्रदर्शन

इंडिया ब्लॉक के सांसद संसद परिसर में बिहार में चल रहे SIR के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. विपक्षी दल के सदस्य बीजेपी और चुनाव आयोग के खिलाफ वोट चोरी के आरोप लगा रहे हैं. कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने मुख्य चुनाव आयुक्त के प्रेस कॉन्फ्रेंस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, मुख्य चुनाव आयुक्त ने बीजेपी से सवाल क्यों नहीं किया जो सवाल उन्होंने विपक्ष से किया. बीजेपी की तरफ से भी प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई थी. लेकिन CEC बीजेपी के साथ कांग्रेस जैसा व्यवहार क्यों नहीं कर रहे हैं? मुझे लगता है कि मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इस संवैधानिक पद की गरिमा को कमजोर किया गया है.

मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हटाने के लिए लाए गए महाभियोग प्रस्ताव को पास कराने के लिए सदन के दो-तिहाई सदस्यों के विशेष बहुमत की आवश्यकता होती है. और इसके लिए कुल सदस्यों का 50 प्रतिशत से अधिक मतदान होना चाहिए.

चुनाव आयोग ने सफाई दी थी

इससे पहले चुनाव आयोग ने 17 अगस्त को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके वोट चोरी के आरोपों पर सफाई दी थी. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का कहना था कि आयोग सभी राजनीतिक दलों के साथ एक समान व्यवहार करता है, क्योंकि हर दल का जन्म चुनाव आयोग में रजिस्ट्रेशन से होता है. CEC ने आगे कहा कि चुनाव आयोग के लिए कोई पक्ष या विपक्ष नहीं है, सभी समकक्ष हैं. और चाहे कोई भी राजनीतिक दल हो चुनाव आयोग अपने संवैधानिक कर्तव्य से पीछे नहीं हटेगा.

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