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भारत की जीत के बाद पाकिस्तान कप्तान सलमान आगा ने लगाए गंभीर आरोप, हाथ मिलाने से लेकर ट्रॉफी लेने से इनकार तक

हाथ मिलाने से लेकर ट्रॉफी लेने से इनकार तक—भारत और पाकिस्तान के बीच खिंची तनातनी, बीसीसीआई बोला- करेंगे आईसीसी में शिकायत
फाइनल में भारत की जीत, लेकिन मैदान से बाहर विवाद छाया

एशिया कप 2025 का फाइनल भारत और पाकिस्तान के बीच 28 सितंबर को दुबई में खेला गया। मैच में भारत ने पाकिस्तान को पांच विकेट से हराकर लगातार तीसरी बार खिताब जीता। लेकिन जीत की खुशी से ज्यादा सुर्खियों में रहा विवाद। मैच खत्म होते ही पोस्ट मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस और पुरस्कार वितरण समारोह में भारत और पाकिस्तान के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।

सलमान आगा का बड़ा बयान: “भारत क्रिकेट का अपमान कर रहा है”

पाकिस्तान के कप्तान सलमान आगा ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय टीम पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा:

> “भारत ने इस टूर्नामेंट में जो किया है वह बेहद निराशाजनक है। वे हाथ न मिलाकर हमारा अपमान नहीं कर रहे, बल्कि क्रिकेट का अपमान कर रहे हैं। अच्छी टीमें ऐसा नहीं करतीं। उनका व्यवहार अपमानजनक था।”

आगा का आरोप है कि भारतीय खिलाड़ियों ने जानबूझकर पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिलाने से परहेज किया और फाइनल में भी यही सिलसिला दोहराया।

हाथ मिलाने का विवाद कैसे शुरू हुआ?

दरअसल यह विवाद 14 सितंबर से शुरू हुआ जब ग्रुप स्टेज में भारत ने मैच के बाद पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया। यह मुद्दा तब और बढ़ा जब सुपर-4 मुकाबले और फाइनल में भी भारतीय खिलाड़ियों ने यही रवैया अपनाया।

आगा का कहना है कि यह केवल व्यक्तिगत दुश्मनी का मामला नहीं है, बल्कि कैमरों के सामने भारतीय खिलाड़ी ऐसा दिखावा करते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा:

> “सूर्यकुमार यादव ने टूर्नामेंट से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस और रेफरी की मीटिंग में मुझसे हाथ मिलाया था। लेकिन जैसे ही कैमरे के सामने आते हैं, वह भी दूरी बना लेते हैं। मुझे यकीन है कि वह आदेशों का पालन कर रहे हैं, लेकिन निजी तौर पर वह हाथ मिलाना चाहते हैं।”
ट्रॉफी लेने से इनकार पर बढ़ा विवाद

फाइनल के बाद पुरस्कार वितरण समारोह में और बड़ा विवाद खड़ा हो गया। भारत ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (एसीसी) के प्रमुख और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी से ट्रॉफी और पदक लेने से साफ इनकार कर दिया।

समारोह 90 मिनट की देरी से शुरू हुआ। जब भारत को विजेता ट्रॉफी सौंपी जानी थी, तब खिलाड़ियों और प्रबंधन ने नकवी के हाथ से इसे लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद पाकिस्तान टीम ने अपने मेडल और ट्रॉफी नकवी से प्राप्त किए, जबकि भारतीय खिलाड़ियों ने अपने कप्तान के हाथों से ही ट्रॉफी ली।

आगा ने इस पर कहा:

> “मैंने ऐसा पहली बार देखा है। यह टूर्नामेंट में हुए सभी विवादों की कड़ी का हिस्सा है। यह क्रिकेट के लिए अच्छा संकेत नहीं है।”

बीसीसीआई ने जताई नाराजगी, करने जा रहा है शिकायत

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने घटना पर कड़ी आपत्ति जताई है। बोर्ड अधिकारियों का कहना है कि भारतीय टीम ने जानबूझकर मोहसिन नकवी से दूरी बनाई क्योंकि नकवी एक ही समय में एसीसी अध्यक्ष और पाकिस्तान के गृह मंत्री हैं। बीसीसीआई का मानना है कि खेल और राजनीति को अलग रखा जाना चाहिए, और वे इस पूरे मामले की शिकायत आईसीसी (इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल) में करने की तैयारी में हैं।

सलमान आगा ने दान की मैच फीस

विवाद के बीच आगा ने एक और बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि पूरी पाकिस्तानी टीम अपनी मैच फीस उन “नागरिकों और बच्चों” को दान करेगी, जो कथित तौर पर “भारतीय हमले” में शहीद हुए। यह बयान विवाद को और गहरा कर गया क्योंकि इसे सीधे-सीधे राजनीतिक रंग दिया गया।

आईसीसी की कार्रवाई, सूर्यकुमार और हारिस पर जुर्माना

यह भी गौरतलब है कि आईसीसी ने फाइनल से पहले ही एक बड़ी कार्रवाई की थी। भारतीय बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव और पाकिस्तानी गेंदबाज हारिस रऊफ पर मैदान पर राजनीतिक इशारे और बयानबाजी करने के आरोप में उनकी मैच फीस का 30 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया।

 

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