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राजकीय सम्मान के साथ दिवाकर भट्ट को हजारों लोगों ने दी अंतिम विदाई, अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

पंचतत्व में विलिन हुए दिवाकर भट्ट, बेटे ने दी मुखाग्नि

हरिद्वार: उत्तराखंड राज्य आंदोलन के प्रमुख नेताओं में शामिल और पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवाकर भट्ट का शनिवार को हरिद्वार के खड़खड़ी श्मशान घाट में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनके पुत्र ललित भट्ट ने नम आंखों से उन्हें मुखाग्नि दी।

अंतिम संस्कार से पूर्व दिवाकर भट्ट के आवास से श्मशान घाट तक विशाल अंतिम यात्रा निकाली गई, जिसमें क्षेत्र के लोगों के साथ-साथ विभिन्न राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

गार्ड ऑफ ऑनर और अंतिम सलामी के बाद दिवाकर भट्ट का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार सम्पन्न हुआ। नेताओं ने उनके निधन को उत्तराखंड की अपूरणीय क्षति बताया। पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने याद किया कि अस्सी के दशक में राज्य निर्माण आंदोलन में उन्होंने दिवाकर भट्ट के साथ कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष किया था।

यूकेडी के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष काशी सिंह ऐरी ने कहा कि दिवाकर भट्ट राज्य आंदोलन के सच्चे योद्धा थे और राज्य बनने के बाद भी जनहित को लेकर हमेशा प्रतिबद्ध रहे।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने उन्हें उत्तराखंडीय संस्कृति और समाजसेवा का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनका जाना पूरे प्रदेश के लिए बड़ी क्षति है।

श्रद्धांजलि देने वालों में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, विधायक मदन कौशिक, आदेश चौहान, रवि बहादुर, मोहम्मद शहजाद, मुन्ना सिंह चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत, प्रीतम सिंह पंवार, सुरेंद्र कुकरेती, महेंद्र प्रताप सहित प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।

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