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भारतीय किसान यूनियन ने प्रधानमंत्री को सौंपा 11 सूत्रीय मांगपत्र, किसानों के हितों को लेकर देहरादून में बड़ा ऐलान

देहरादून: भारतीय किसान यूनियन ने किसानों की समस्याओं और भविष्य की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए प्रधानमंत्री भारत सरकार को 11 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। यह मांगपत्र जिलाधिकारी देहरादून के माध्यम से भेजा गया, जिसकी एक प्रति राष्ट्रपति को भी प्रेषित की गई। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार यदि किसानों की उपेक्षा करती रही तो देशव्यापी आंदोलन की तैयारी की जाएगी।

मांगपत्र सौंपने के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ० लाल सिंह गुर्जर, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरदार सुखवीर सिंह, राष्ट्रीय संगठन मंत्री राजकुमार शर्मा, लाला तीर गुर्जर, जाहिद हुसैन तथा अनवर अहमद मौजूद रहे। पदाधिकारियों ने कहा कि किसानों की जमीन और आजीविका से जुड़े मुद्दों पर सरकार को संवेदनशील रुख अपनाना चाहिए। संगठन की प्रमुख मांग है कि किसानों की जमीन यदि किसी सरकारी परियोजना के लिए अधिग्रहित की जाती है, तो उस प्रोजेक्ट में किसानों की हिस्सेदारी सुनिश्चित की जाए। सड़क निर्माण के लिए जमीन देने वाले किसानों को टोल प्लाज़ा से होने वाली आय में भागीदारी देने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।

केंद्र सरकार से यह भी आग्रह किया गया है कि हर वर्ष फसलों के दाम में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाए, ताकि बढ़ती लागत के अनुरूप किसानों को वास्तविक लाभ मिल सके। संगठन ने कहा कि किसानों के वाहनों पर किसी भी प्रकार का टोल टैक्स नहीं लगना चाहिए, क्योंकि किसान पहले से ही आर्थिक दबाव में हैं। मांगपत्र में हर ब्लॉक स्तर पर कोल्ड स्टोरेज की सुविधा उपलब्ध कराने, सरकारी खरीद पर किसानों को नगद भुगतान सुनिश्चित करने तथा सिंचाई के लिए बिजली दरों में कटौती की मांग भी शामिल है। संगठन ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में किसानों को उनकी फसल का मुआवजा बाजार मूल्य के आधार पर दिया जाए, ताकि उनका नुकसान कम हो सके। संगठन ने उद्योगों को दी जाने वाली फसलों की श्रेणियों की जानकारी किसानों तक पहुंचाने, किसानों के बच्चों को उच्च शिक्षा एवं सरकारी नौकरियों में आरक्षण देने तथा भूमिहीन किसानों को जमीन उपलब्ध कराने की मांग भी रखी है।

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