ऋषिकेश में वन भूमि नपाई को लेकर बवाल, पुलिस को करना पड़ा बल प्रयोग
बिना नोटिस नपाई पर भड़के लोग, ऋषिकेश में वन विभाग और प्रशासन आमने-सामने
ऋषिकेश: सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में शनिवार को ऋषिकेश के कई इलाकों में वन विभाग द्वारा भूमि नपाई की कार्रवाई शुरू की गई, जिसका स्थानीय लोगों ने जोरदार विरोध किया। शिवाजी नगर, मीरा नगर, बापू ग्राम, मनसा देवी और गुमानीवाला क्षेत्रों में वन विभाग की टीम के पहुंचते ही स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
स्थानीय निवासियों ने शिवाजी नगर में वन विभाग की टीम को प्रवेश करने से रोक दिया और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ करीब तीन घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया। अधिकारियों द्वारा समझाने के प्रयासों के बावजूद लोग शांत नहीं हुए। हालात बिगड़ने पर पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा, जिसके बाद वन विभाग की टीम पुलिस सुरक्षा में क्षेत्र में प्रवेश कर सकी।
वन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों को आश्वस्त किया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार केवल खाली पड़ी जमीन की ही नपाई और चिन्हांकन किया जाएगा तथा किसी भी मकान को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वे पिछले तीन पीढ़ियों से यहां निवास कर रहे हैं और अचानक की जा रही इस कार्रवाई से पूरे इलाके में भय का माहौल बन गया है। उनका आरोप है कि बिना पूर्व सूचना या नोटिस के वन विभाग की टीम पहुंची, जिससे जनता में आक्रोश फैल गया। स्थानीय निवासियों के अनुसार, वन विभाग की टीम भारी पुलिस बल के साथ बापू ग्राम में पहुंची थी। वन विभाग का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत बापू ग्राम क्षेत्र की लगभग 500 एकड़ भूमि पर स्थित भूखंडों की नापजोख की जा रही है, जिसमें केवल खाली प्लॉट शामिल हैं।
विरोध बढ़ने पर ऋषिकेश के मेयर शंभू पासवान भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि 22 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश के बाद ही यह कार्रवाई शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि मकानों को छोड़कर खाली भूमि पर वन विभाग अपने बोर्ड लगाएगा।
मेयर ने यह भी बताया कि आदेश के तुरंत बाद वन विभाग और शहरी विकास सचिव द्वारा एक समिति गठित की गई, जिसके कारण लोगों को पूर्व सूचना नहीं मिल पाई। इसी वजह से लगभग डेढ़ से दो लाख की आबादी भयभीत है।
