पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य रसूलपुर अरविंद सिंह तोमर ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया
भाजपा नेता वीरेंद्र बिष्ट व विनोद रावत ने भी सोशल मीडिया पर डाली तीखी पोस्ट
देहरादून: अंकिता हत्याकांड मामले में भाजपा के भीतर विरोध और इस्तीफों का दौर जारी है। उत्तराखंड भाजपा के भीतर असंतोष सामने आ रहा रहा है। इसमें मुख्य रूप से निष्पक्ष जांच, सीबीआई जांच न होने और पार्टी की चुप्पी पर विरोध जताया गया है।
अब अंकिता भंडारी मामले में विकासनगर से भाजपा नेता पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य रसूलपुर अरविंद सिंह तोमर ने अंकिता भंडारी हत्याकांड सीबीआई जांच में देरी के कारण पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। वह बूथ अध्यक्ष, मंडल महामंत्री युवा मोर्चा, मंडल उपाध्यक्ष युवा मोर्चा, मंडल महामंत्री जनजाति मोर्चा, लोक सभा चुनाव में जिला सोशल मीडिया प्रभारी जैसे मुख्य पदों पर पूर्व में कार्य करने के साथसाथ वर्तमान में सक्रिय सदस्य के रूप में पार्टी के लिए कार्य कर रहे थे। वह देहरादून परेड ग्राउंड में अंकिता भंडारी को इंसाफ दिलाने के लिए हुई रैली में शामिल हुए थे।
भाजपा के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता पूर्व अध्यक्ष वन पंचायत सलाहकार परिषद पूर्व उपाध्यक्ष उत्तराखंड सिंचाई सलाहकार परिषद वीरेंद्र सिंह बिष्ट ने भी सोशल मीडिया में सीएम धामी को पक्ष लिखकर उत्तराखंड अंकिता हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश केंद्र से करने की अपील की है। उन्होंने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट को भी सलाह दी है कि वह जो आंदोलन करा रहे हैं उससे पार्टी की छवि धूमिल हो रही है।
पार्टी के कार्यकर्ताओं एवं नेताओं के पास मीडिया एवं जनता के प्रश्नों का जवाब देने के लिए कोई कारगर उत्तर नहीं है, जिससे पार्टी की फजीहत हो रही है। वहीं भाजपा नेता विनोद रावत ने भी सोशल मीडिया में फेसबुक पोस्ट में पीएम मोदी को संबोधित करते लिए लिखा कि हिंदू राष्ट्रवाद के लिए सब कुछ सहने को तैयार हैं। 23 रु का तेल 94 रु में खरीद रहे हैं, कोई दिक्कत नही। लेकिन कोई नेता हमारे प्रदेश में हमारी बेटियों को स्पेशल सर्विस देने की मांग करे।
उन्होंने सीएम को भी पीएम मोदी की इच्छा से बने सीएम बताते हुए कहा कि उत्तराखंड की जनता तो इन्हें पहले ही खारिज कर चुकी थी। इतिहास में आप अपना नाम कैसे दर्ज करवाना चाहते हो फैसला आपको ही करना है।
बता दें कि इसके पहले वरिष्ठ भाजपा नेता भगतराम कोठारी ने इस्तीफा दिया था। भाजपा युवा मोर्चा, ऋषिकेश के जिला मंत्री अंकित बहुखंडी ने भी पद से इस्तीफा दिया व कहा कि वह ऐसी पार्टी में नहीं रह सकते जो सिद्धांतों से समझौता कर रही हो। अंकिता मामले को लेकर मांग करने पूर्व कैबिनेट मंत्री विजया बर्थवाल ने भी सीबीआई से निष्पक्ष जांच की मांग की, ताकि राजनीतिक दबाव या छिपाव की संभावना न रहे।
पूर्व बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति चेयरमैन अजेंद्र अजय सीबीआई जांच की मांग कर चुके हैं और आरोपित भाजपा नेताओं से नैतिक आधार पर स्वेच्छा से इस्तीफा देने को कह चुके हैं।
