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गैस सिलेंडर संकट पर उत्तराखंड में सियासी घमासान, कांग्रेस ने सरकार को घेरा, भाजपा ने बताया भ्रम

देहरादून: उत्तराखंड में गैस सिलेंडरों की कथित कमी को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस ने राज्य सरकार पर विभागों के बीच तालमेल की कमी का आरोप लगाया है, वहीं भाजपा ने विपक्ष पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि गैस संकट की स्थिति सरकार के विभागों में समन्वय की कमी को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग विभाग अपने-अपने स्तर पर काम कर रहे हैं, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गोदियाल ने आशंका जताई कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए आने वाले समय में गैस की उपलब्धता को लेकर चुनौतियां और बढ़ सकती हैं।

उन्होंने केंद्र सरकार से पेट्रोलियम पदार्थों पर निर्भरता को कम करने और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत बताई। उनका कहना था कि यदि समय रहते प्रभावी कूटनीतिक और रणनीतिक कदम उठाए जाते तो इस तरह की स्थिति से काफी हद तक बचा जा सकता था।

दूसरी ओर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर जारी संकट और खाड़ी क्षेत्र में तनाव का असर कई देशों में पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति पर पड़ा है।

भट्ट ने कहा कि इसके बावजूद केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने पहले से की गई रणनीतिक तैयारियों के कारण देश में पेट्रोल, डीजल और गैस की आपूर्ति को स्थिर बनाए रखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इस वैश्विक परिस्थिति को भी राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहे हैं और सोशल मीडिया के माध्यम से गैस की कमी और महंगाई को लेकर लोगों में भ्रम फैलाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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