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उत्तरकाशी में शुरू हुआ राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान, 94,309 बच्चों को लाभान्वित करने का लक्ष्य

उत्तरकाशी: उत्तरकाशी में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी. एस. रावत के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन जिले के सभी विकासखंडों में किया गया। अभियान के तहत 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों और किशोर-किशोरियों को एलबेंडाजोल की दवा खिलाई जा रही है।

स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को खिलाई गई दवा

कार्यक्रम के अंतर्गत सरकारी विद्यालयों, निजी स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, पॉलिटेक्निक कॉलेजों और अन्य संस्थानों में बच्चों को कृमि मुक्ति की दवा दी गई। जनपद स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन प्राथमिक विद्यालय गांधी विद्या मंदिर, प्राथमिक विद्यालय बिरला गली, प्राथमिक विद्यालय बालक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय गांधी विद्या मंदिर, उत्तरकाशी में संपन्न हुआ।

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने किया शुभारंभ

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी. एस. पंगती ने बच्चों को एलबेंडाजोल की गोली खिलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। विद्यालय में कुल 85 बच्चों को दवा का सेवन कराया गया। इस दौरान बच्चों और शिक्षकों को कृमि संक्रमण से बचाव, स्वच्छता और नियमित दवा सेवन के महत्व की जानकारी भी दी गई।

स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग की रही सक्रिय भागीदारी

कार्यक्रम में विद्यालय की प्रधानाचार्य बीना भट्ट, निर्मला कोटनाला, ललिता राणा, सकला शाह, आरबीएसके मैनेजर मनोज भट्ट, अरबिंद बुटोला सहित स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

सभी ब्लॉकों में चलाया गया अभियान

जनपद के सभी ब्लॉकों में प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में पहुंचकर बच्चों को दवा खिलाई। डॉ. बी. एस. पंगती ने बताया कि जो बच्चे किसी कारणवश आज दवा नहीं खा सके, उन्हें 14 मई 2026 को आयोजित मॉप-अप डे पर दवा दी जाएगी।

94 हजार से अधिक बच्चों को लाभान्वित करने का लक्ष्य

राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के तहत जनपद उत्तरकाशी में कुल 94,309 बच्चों को आच्छादित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें 06 ब्लॉकों के 1060 सरकारी एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों के 38,658 बच्चे, 192 निजी विद्यालयों के 29,807 बच्चे, 1052 आंगनबाड़ी केंद्रों के 23,663 बच्चे, विद्यालय न जाने वाले 681 बच्चे तथा पीजी कॉलेज, आईटीआई, पॉलिटेक्निक एवं अन्य संस्थानों के लगभग 1,500 किशोर-किशोरियां शामिल हैं।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि सभी अभिभावक अपने बच्चों को कृमि मुक्ति की दवा अवश्य खिलाएं, ताकि बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और शारीरिक विकास को बेहतर बनाया जा सके।

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