उत्तरकाशी: डीएम प्रशांत आर्य की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट कार्यालय में स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न फ्लैगशिप कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में यूएसजी अभियान और 100 दिवसीय टीबी अभियान की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
यूएसजी अभियान की प्रगति की समीक्षा
बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार यूएसजी अभियान के तहत अब तक 1349 यूएसजी जांचें की जा चुकी हैं। इनमें 18 से 22 सप्ताह की 284 एएनसी महिलाओं तथा 22 सप्ताह से अधिक अवधि की 648 गर्भवती महिलाओं की स्क्रीनिंग की गई। साथ ही 417 ऐसे मामलों को भी चिन्हित किया गया, जिनकी गर्भावस्था अवधि 18 सप्ताह से कम है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि शेष लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करते हुए प्रत्येक पात्र गर्भवती महिला तक जांच सुविधा पहुंचाई जाए।
टीबी अभियान में 40 मरीज चिन्हित
समीक्षा के दौरान बताया गया कि 100 दिवसीय टीबी अभियान के अंतर्गत जनपद के 152 हाई रिस्क गांवों में विशेष स्क्रीनिंग अभियान संचालित किया जा रहा है। इनमें से 69 गांवों को सैचुरेट किया जा चुका है, जबकि 83 गांवों में अभियान जारी है।
अभियान के दौरान अब तक 9029 व्यक्तियों का निक्षय पोर्टल पर पंजीकरण किया गया है। इनमें 2827 लोगों की एक्स-रे जांच तथा 484 लोगों की NAAT जांच की गई। अभियान के माध्यम से 40 टीबी मरीजों को चिन्हित कर उपचार से जोड़ा गया है।
संस्थागत प्रसव बढ़ाने पर जोर
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने मातृ मृत्यु दर को शून्य करने के उद्देश्य से संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने और व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य जांच, सुरक्षित प्रसव एवं चिकित्सालयों में प्रसव के लिए प्रेरित किया जाए, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार लाया जा सके।
फील्ड मॉनिटरिंग के दिए निर्देश
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि टीबी उन्मूलन एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य से संबंधित कार्यक्रमों में फील्ड स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को और मजबूत बनाया जाए। उन्होंने कहा कि सभी स्वास्थ्य योजनाओं में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति के लिए समन्वित प्रयास आवश्यक हैं।
