देहरादून: देहरादून में रामसुंदर नौटियाल, उपाध्यक्ष, भागीरथी नदी घाटी विकास प्राधिकरण की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा के बाद सहमति बनी।
बैठक में उत्तराखंड नदी घाटी (विकास और प्रबंधन) अधिनियम, 2005 की धारा-31 (1) एवं (2) के अंतर्गत नदी घाटी खनिज अधिकारों पर उपकर लगाए जाने के प्रावधानों पर विचार किया गया। इस संबंध में यह सहमति बनी कि लगाए जाने वाले उपकर को राज्य सरकार की मंजूरी के अधीन लागू किया जाएगा तथा इसे अधिसूचना के माध्यम से निर्धारित तिथि से प्रभावी किया जाएगा। साथ ही, राज्य सरकार से यह अनुरोध किया जाएगा कि खनिज अधिकारों पर प्रचलित नियमों के तहत 2 प्रतिशत अंश भागीरथी नदी घाटी विकास प्राधिकरण को निर्धारित किया जाए।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि इस विषय को मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाया जाएगा तथा मुख्य कार्यपालक अधिकारी द्वारा इससे संबंधित प्रस्ताव शासन को भेजने की कार्रवाई की जाएगी।
इसके अतिरिक्त, अधिनियम की धारा-12 के तहत प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया गया कि प्राधिकरण के कार्यों हेतु राज्य सरकार द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान की जानी है। साथ ही टिहरी बांध एवं अन्य संबंधित संस्थानों से प्राप्त विद्युत राजस्व का 20 प्रतिशत या उसके समतुल्य राशि प्राधिकरण को दिए जाने का प्रावधान है। हालांकि, अब तक इस मद में कोई धनराशि जारी नहीं की गई है, जिस पर विधायकों ने गंभीर चिंता व्यक्त की।
बैठक में सभी सदस्यों ने एकमत होकर राज्य सरकार से निर्धारित 20 प्रतिशत धनराशि शीघ्र जारी करने की मांग को मजबूती से उठाने पर सहमति जताई।
इसके साथ ही स्थानीय पर्यावरण, जल-जंगल-जमीन से जुड़े मुद्दों और क्षेत्रीय पारिस्थितिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए धारा-8 के तहत विकास कार्यों को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया गया। सदस्यों ने कहा कि इन कार्यों के लिए पर्याप्त निधि की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है, ताकि स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप प्रभावी विकास सुनिश्चित किया जा सके।
