चमोली: चमोली में बढ़ती वनाग्नि की घटनाओं की रोकथाम एवं नियंत्रण को लेकर जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा जनसहभागिता को मजबूत बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने डीएफओ सर्वेश दुबे को निर्देश देते हुए कहा कि जंगलों में आग लगाने वाले अराजक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने वन विभाग की टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त बढ़ाने, फायर लाइन निर्माण करने और ग्रामीणों व वन पंचायतों को जागरूक करने के निर्देश दिए। साथ ही वनाग्नि की घटनाओं की सूचना तत्काल प्राप्त हो सके, इसके लिए सूचना तंत्र को और मजबूत करने पर जोर दिया।
डीएम ने कहा कि वनाग्नि पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जनसहभागिता बेहद जरूरी है। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए ताकि लोग जंगलों को आग से बचाने में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
बैठक में वनाग्नि नियंत्रण हेतु उपलब्ध संसाधनों, उपकरणों एवं मानव संसाधन की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि तहसील स्तर पर वन विभाग, राजस्व विभाग, पुलिस और ग्राम स्तरीय समितियों के साथ नियमित समन्वय बनाए रखें, ताकि किसी भी घटना पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
बैठक में एसडीएम चमोली आरके पाण्डेय सहित जनपद के सभी उपजिलाधिकारी एवं संबंधित अधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।
