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गौचर में समर कैंप का शुभारंभ, 100 बच्चे व 62 डीएलएड प्रशिक्षु शामिल

चमोली: जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) गौचर में शुक्रवार को पांच दिवसीय समर कैंप एवं हस्तलेखन कार्यशाला का उत्साहपूर्ण शुभारंभ हुआ। कार्यशाला में स्थानीय विद्यालयों के कक्षा 4 से 9 तक के 8 से 15 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 100 छात्र-छात्राओं के साथ 62 डीएलएड प्रशिक्षु प्रतिभाग कर रहे हैं। कार्यशाला का उद्देश्य बच्चों की हस्तलेखन कला में सुधार कर उनकी लेखन शैली को अधिक सुंदर, स्पष्ट और प्रभावी बनाना है।

कार्यक्रम का उद्घाटन संस्थान के प्राचार्य आकाश सारस्वत ने किया। उन्होंने कहा कि सुंदर और स्पष्ट लिखावट आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन में भी सहायक होती है। उन्होंने बताया कि यह समर कैंप लगातार चौथी बार आयोजित किया जा रहा है, जो संस्थान की एक महत्वपूर्ण और नवाचारी पहल है। उन्होंने कहा कि भावी शिक्षकों की लिखावट सुंदर और स्पष्ट होना आवश्यक है, क्योंकि शिक्षक की लेखन शैली का सीधा प्रभाव विद्यार्थियों पर पड़ता है।

उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि कक्षा 6, 7 और 8 के विद्यार्थी स्नातक उत्तीर्ण युवाओं एवं डीएलएड प्रशिक्षुओं को हस्तलेखन का प्रशिक्षण दे रहे हैं, जो शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक उदाहरण है।

कार्यशाला में मुख्य प्रशिक्षक के रूप में नरेंद्र गिरि गोस्वामी प्रशिक्षण दे रहे हैं। उनके साथ दीक्षित, योगेश, बबलू, दीक्षा, भूमिका और लता सहायक प्रशिक्षक के रूप में प्रतिभागियों को अक्षरों की संरचना, शब्दों की बुनावट, उचित अंतराल तथा सुंदर लेखन की बारीकियों का प्रशिक्षण दे रहे हैं।

कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. कमलेश कुमार मिश्र ने बताया कि कार्यशाला 29 जून तक संचालित होगी। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों की लिखावट में सुधार, अक्षरों की सुंदरता, संतुलन और स्पष्टता विकसित करना है। उन्होंने बताया कि 100 स्थानीय बच्चों और 62 डीएलएड प्रशिक्षुओं की सहभागिता से यह कार्यक्रम शिक्षा एवं प्रशिक्षण का उत्कृष्ट संगम बन गया है।

उद्घाटन सत्र में वरिष्ठ संकाय सदस्य रविंद्र सिंह बर्त्वाल, गोपाल प्रसाद कपरूवाण, डॉ. गजपाल राज, सुबोध डिमरी, शशि कंडवाल, प्रभु दयाल एवं मनोज धपवाल सहित बड़ी संख्या में अभिभावक और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. कमलेश कुमार मिश्र ने किया।

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