अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपने प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा (सेवानिवृत्त) को ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। ट्रस्ट की उच्चस्तरीय बैठक में उनके नाम पर सर्वसम्मति से मुहर लगाई गई। इसके साथ ही ट्रस्ट के तीन रिक्त पदों पर नए सदस्यों की नियुक्ति भी की गई है।
पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने नियुक्ति पर खुशी जताते हुए चयन समिति का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि 43 वर्षों तक भारतीय वायुसेना में राष्ट्रसेवा करने के बाद उन्हें श्रीराम मंदिर और देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा का एक और अवसर मिला है। उन्होंने अपनी नियुक्ति को भगवान श्रीराम का आशीर्वाद बताया।
5538 आवेदनों के बाद हुआ चयन
ट्रस्ट के पूर्व अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन के अनुसार, CEO पद के लिए कुल 5538 आवेदन प्राप्त हुए थे। आवेदनों की स्क्रीनिंग और चयन प्रक्रिया के कई चरणों के बाद उम्मीदवारों का चयन किया गया। सभी संबंधित पक्षों से विचार-विमर्श के बाद जितेंद्र मिश्रा के नाम पर सर्वसम्मति बनी।

CEO की नियुक्ति के साथ ट्रस्ट में लंबे समय से खाली चल रहे तीन महत्वपूर्ण पद भी भर दिए गए हैं। दिल्ली के समाजसेवी महेश भागचंदका, शिकोहाबाद की डॉ. निर्मला यादव और अयोध्या के वरिष्ठ अधिवक्ता मदन मोहन पांडेय को ट्रस्ट का नया सदस्य बनाया गया है।
ट्रस्ट की ओर से बताया गया कि तीनों नए सदस्यों को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, अयोध्या में शामिल किया गया है।
राम जन्मभूमि मामले में पैरवी कर चुके हैं मदन मोहन पांडेय
नए ट्रस्टी मदन मोहन पांडेय पेशे से अधिवक्ता हैं और करीब 51 वर्षों से वकालत कर रहे हैं। वह पूर्व में हाईकोर्ट में अपर महाधिवक्ता के पद पर भी रह चुके हैं। राम जन्मभूमि विवाद के दौरान उन्होंने रामलला की ओर से लंबे समय तक कानूनी पैरवी की थी। अदालती रिकॉर्ड और उपलब्ध रिपोर्टों में भी उनका नाम रामलला की ओर से पैरवी करने वाले अधिवक्ताओं में दर्ज है।
ट्रस्ट का सदस्य बनाए जाने के बाद पांडेय ने कहा कि उन्हें दोपहर करीब दो बजे नियुक्ति की जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि उन्हें सेवा का अवसर मिला है और आगे मंदिर की व्यवस्था व देखरेख को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।
जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति की खबर उनके पैतृक गांव भोपतपुरा, देवरिया पहुंचने के बाद ग्रामीणों में भी खुशी का माहौल है। गांव के लोगों ने इसे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बताया और उनकी नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।
