मुजफ्फरनगर: उत्तराखंड राज्य आंदोलन के इतिहास की सबसे दर्दनाक घटनाओं में शामिल रामपुर तिराहा कांड की 32वीं बरसी पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शहीद आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि दी। मुजफ्फरनगर स्थित रामपुर तिराहा शहीद स्मारक पहुंचकर मुख्यमंत्री ने शहीदों की स्मृति में पुष्पचक्र अर्पित किया और उनके बलिदान को नमन किया।
2 अक्टूबर 1994 को अलग उत्तराखंड राज्य की मांग को लेकर दिल्ली जा रहे आंदोलनकारियों पर रामपुर तिराहा में पुलिस कार्रवाई के दौरान गोलीबारी हुई थी। इस घटना में सात आंदोलनकारियों की मौत हुई थी। हर वर्ष उनकी स्मृति में यहां श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जाता है।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के संघर्ष, त्याग और बलिदान का परिणाम है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और अनेक कठिनाइयों का सामना किया। सरकार का प्रयास है कि राज्य का विकास आंदोलनकारियों की अपेक्षाओं और उनके सपनों के अनुरूप किया जाए।
मुख्यमंत्री ने राज्य आंदोलनकारियों के लिए किए गए सरकारी फैसलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि आंदोलनकारियों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण और समान नागरिक संहिता जैसे फैसलों का भी जिक्र किया।
धामी ने कहा कि प्रदेश में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों और भू-माफिया के खिलाफ अभियान जारी है। उनके मुताबिक, अभियान के तहत अब तक करीब 13 हजार एकड़ भूमि को कब्जे से मुक्त कराया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य की संस्कृति और पहचान से जुड़े मुद्दों पर सरकार आगे भी कार्रवाई जारी रखेगी।
मतदाता सूची के सत्यापन को लेकर उठ रहे सवालों पर भी मुख्यमंत्री ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को लेकर प्रक्रिया नियमानुसार चल रही है और इसे लेकर अनावश्यक भ्रम की स्थिति पैदा नहीं की जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के बलिदान को याद रखना केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं होना चाहिए। आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित, सशक्त और समृद्ध उत्तराखंड सौंपना ही उन शहीदों के प्रति वास्तविक सम्मान होगा।
