वित्त मंत्रालय ने रविवार को एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ. वी. अनंत नागेश्वरन लोकसभा में आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 पेश होने के बाद दोपहर में मीडिया को संबोधित करेंगे।
23 जुलाई 2024 को यूनियन बजट लेकर आने वाली है। आम बजट से ठीक एक दिन पहले सरकार संसद में आर्थिक सर्वे पेश करती है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में आर्थिक सर्वे पेश कर दिया है। करीब दोपहर 2 बजे राज्यसभा में इसे रखा जाएगा। आर्थिक सर्वे में सरकार के खर्चों से लेकर कमाई तक का ब्योरा दिया जाएगा।
लोकसभा में करीब 12.30 बजे आर्थिक सर्वे पेश किया जाएगा। आम बजट से एक दिन पहले आर्थिक सर्वेक्षण संसद में लाया जाता है। आर्थिक सर्वे में देश की अर्थव्यवस्था की स्थिति, संभावनाओं और नीतिगत चुनौतियों का ब्योरा होता है। इसके अलावा इसमें बीते वित्त वर्ष के रोजगार, जीडीपी, मुद्रास्फीति और बजट घाटे की भी जानकारी दी जाती है और कई महत्वपूर्ण आंकड़े जारी होते हैं।
आर्थिक सर्वे के अनुसार वित्त वर्ष 2025 में अर्थव्यवस्था 6.5 से 7 प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्मीद है। वर्ष 1950-51 में देश का पहला इकोनॉमिक सर्वे पेश हुआ था। पहले इसे बजट के साथ ही पेश किया जाता था। लेकिन, वर्ष 1964 से बजट से एक दिन पहले इकोनॉमिक सर्वे पेश करने की परंपरा शुरू की गई। आर्थिक सर्वे एक तरह का रिपोर्ट कार्ड है। इसमें देश के विकास का दृष्टिकोण प्रस्तुत होता है। यह सर्वे अर्थव्यवस्था की स्थिति, संभावनाओं और नीतिगत चुनौतियों का विस्तृत विवरण देता है। आर्थिक सर्वेक्षण अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों पर सांख्यिकीय जानकारी और विश्लेषण के साथ-साथ रोजगार, जीडीपी वृद्धि, मुद्रास्फीति और बजट घाटे पर डेटा प्रदान करता है।केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आर्थिक सर्वे में पिछले वर्ष के खर्चों और कमाई का ब्योरा देंगी। वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग के इकोनॉमिक डिविजन द्वारा आर्थिक सर्वेक्षण तैयार किया जाता है।
आर्थिक सर्वेक्षण में कई सेक्टर के आंकड़ें मिलते हैं। इसमें आर्थिक रूझानों के बारे में जानकारी दी जाती है। इस सर्वेक्षण के जरिये महंगाई, बेरोजगारी के आंकड़ें मिल जाते हैं। इन आंकड़ों की मदद से आम जनता निवेश, बचत और खर्च से जुड़ी चीजों का अनुमान लगा सकती है। इकोनॉमिक सर्वे एक तरह का वित्तीय दस्तावेज है। इसमें सरकार पिछले कारोबारी साल के आर्थिक विकास की समीक्षा करती है। इस दस्तावेज के जरिये अलग सेक्टर्स के डेटा मिलने में मदद मिलती है।
