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श्रीनगर गढ़वाल में युवक ने उठाया खौफनाक कदम, नैथाना पुल से युवक ने लगाई छलांग, अलकनंदा में तलाश जारी

श्रीनगर गढ़वाल:  श्रीनगर शहर में सोमवार सुबह उस समय अफरातफरी मच गई जब एक युवक ने नैथाना पुल से उफनती अलकनंदा नदी में छलांग लगा दी। घटना सुबह करीब 8:30 बजे की बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पुल से गुजर रहे लोगों ने युवक को अचानक रेलिंग पार करते देखा, जिसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस और एसडीआरएफ (State Disaster Response Force) की टीम ने तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया।

पहचान हुई, परिवार में कोहराम

प्रारंभिक जांच में युवक की पहचान अनिल रावत (35 वर्ष), पुत्र बलवीर रावत निवासी ग्राम सुपाणा, चौरास, थाना कीर्तिनगर, जिला टिहरी गढ़वाल के रूप में हुई है। अनिल श्रीनगर क्षेत्र में यूटिलिटी वाहन चालक के रूप में कार्यरत था। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने परिजनों से संपर्क कर सूचना दी। परिजनों को खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।

उफनती धारा में तलाश मुश्किल

इस समय अलकनंदा नदी का जलस्तर काफी ऊंचा है। तेज बहाव और गहराई के कारण एसडीआरएफ टीम को तलाशी अभियान चलाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गोताखोरों ने नदी के विभिन्न संभावित स्थानों पर खोजबीन की, लेकिन अब तक युवक का कोई सुराग नहीं लग पाया है। अधिकारियों ने बताया कि नदी की तेज धार के कारण सर्च ऑपरेशन में समय लग सकता है।

जांच में जुटी पुलिस, सीसीटीवी खंगाले जा रहे

घटनास्थल पर पुलिस ने पहुंचकर प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही पुल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि घटना के कारणों का पता लगाया जा सके। पुलिस का कहना है कि युवक के मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक स्थिति को लेकर भी जांच की जा रही है।

श्रीनगर कोतवाल जयपाल नेगी ने बताया, “आज सुबह नैथाना पुल से युवक के नदी में कूदने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया। युवक की पहचान कर ली गई है और परिजनों को सूचित कर दिया गया है। नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है, फिर भी पूरी कोशिश की जा रही है कि जल्द से जल्द युवक का पता लगाया जा सके।”

पिछले साल भी हुई थी ऐसी घटना

गौरतलब है कि श्रीनगर क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं पहले भी घट चुकी हैं। फरवरी 2024 में भी अलकनंदा नदी में एक युवक ने छलांग लगाई थी। उस समय युवक अपनी मां और जीजा के साथ कीर्तिनगर जा रहा था। बताया गया कि उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और परिजन उसे डॉक्टर को दिखाने ले जा रहे थे। जैसे ही वे कीर्तिनगर पुल पर पहुंचे, युवक ने अचानक मां और जीजा का हाथ छुड़ाकर नदी में छलांग लगा दी थी। उस मामले में भी पुलिस और एसडीआरएफ टीम को लंबा रेस्क्यू अभियान चलाना पड़ा था।

मानसिक स्वास्थ्य पर उठे सवाल

लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने एक बार फिर मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दे को सामने ला दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर काउंसलिंग और उपचार न मिलने पर लोग अवसाद और मानसिक दबाव में आकर ऐसे कदम उठा लेते हैं। पुलिस ने भी अपील की है कि लोग मानसिक तनाव की स्थिति में पेशेवर मदद लेने से न हिचकें।

श्रीनगर की इस घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। पुल पर मौजूद चश्मदीद गवाहों का कहना है कि सब कुछ कुछ ही सेकंड में हुआ और किसी के पास युवक को रोकने का मौका तक नहीं था। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता अभियान और पुलों पर अतिरिक्त सुरक्षा उपायों पर विचार किया जाएगा।

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