चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले में निर्माणाधीन 444 मेगावाट की विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना (वीपीएचईपी) ने एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार कर लिया है। THDC India Limited ने परियोजना की टेल रेस टनल (टीआरटी) का सफल ब्रेकथ्रू कर इंजीनियरिंग क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।
हिमालयी भू-वैज्ञानिक दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र में विकसित की जा रही यह रन-ऑफ-द-रिवर परियोजना देश की प्रमुख जलविद्युत परियोजनाओं में से एक है। लगभग 3.1 किलोमीटर लंबी और 9.2 मीटर व्यास (फिनिश्ड) की टेल रेस टनल परियोजना का अहम भूमिगत हिस्सा है, जिसके माध्यम से बिजली उत्पादन के बाद पानी को पुनः नदी में प्रवाहित किया जाएगा।
परियोजना प्रबंधन के अनुसार, कुल 3.1 किलोमीटर में से करीब 1 किलोमीटर में ओवर लाइनिंग कार्य भी पूरा कर लिया गया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि परियोजना तय समयसीमा की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।
इस अवसर पर परियोजना प्रमुख अजय वर्मा ने टीम, कांट्रेक्टर एचसीसी, अभियंताओं और श्रमिकों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता टीम की तकनीकी दक्षता, समर्पण और सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने बताया कि हिमालयी क्षेत्र में कैविटी निर्माण, भारी जल प्रवाह और कीचड़ जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन वैज्ञानिक योजना और कड़े सुरक्षा मानकों के चलते इन बाधाओं को सफलतापूर्वक पार किया गया।
परियोजना के पूर्ण संचालन में आने के बाद 444 मेगावाट की यह जल विद्युत परियोजना राष्ट्रीय ग्रिड की स्थिरता को मजबूती देगी और स्वच्छ, नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन के माध्यम से देश के दीर्घकालिक ऊर्जा लक्ष्यों में महत्वपूर्ण योगदान करेगी।
