रुद्रपुर: उत्तराखंड एसटीएफ की कुमाऊँ टीम और रुद्रपुर कोतवाली पुलिस ने संयुक्त अभियान में एक अंतर्राज्यीय हथियार तस्कर को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी के पास से भारी मात्रा में अवैध हथियार और कारतूस बरामद किए गए, जिनमें ऑटोमैटिक पिस्टल, डबल बैरल बंदूक और विभिन्न बोर के कारतूस शामिल हैं।
जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी का संबंध वर्ष 2016 के चर्चित पंजाब नाभा जेल ब्रेक कांड से रहा है। आरोपी ने उस घटना के मुख्य गैंगस्टरों को कारतूस उपलब्ध कराए थे जिनका इस्तेमाल जेल ब्रेक के दौरान किया गया था।
एक महीने की रेकी के बाद पकड़ी बड़ी खेप
पुलिस के अनुसार टीम पिछले एक महीने से क्षेत्र में अवैध हथियारों की सप्लाई की सूचनाओं की निगरानी कर रही थी। शुक्रवार को सूचना मिली कि रुद्रपुर में असलहों की बड़ी डिलीवरी होने वाली है। इसके बाद काशीपुर फ्लाईओवर के नीचे चेकिंग बढ़ाई गई।
इसी दौरान एक बाइक पर संदिग्ध युवक आता दिखा। रोककर तलाशी लेने पर उसके पास से
4 अवैध ऑटोमैटिक पिस्टल (32 बोर)
1 डबल बैरल बंदूक (12 बोर)
30 कारतूस (12 बोर)
10 कारतूस (32 बोर)
1 बाइक
बरामद हुए।
आरोपी की पहचान और नेटवर्क
पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम मोहम्मद आसिम (32), निवासी ग्राम धनसारा, थाना बाजपुर बताया। वह अपने पिता और भाई के साथ बाजपुर में नक्श गन हाउस नाम की दुकान चलाता है।
यही वह गन हाउस है जिस पर NIA ने 2023 में छापा मारा था और गैंगस्टरों को हथियार सप्लाई करने के संदेह में दोनों भाइयों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था।
आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि बीते 10 वर्षों में उसने बड़ी संख्या में अवैध हथियारों की बिक्री की है और उसका नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ है। पुलिस अब उसके नेटवर्क की गहन जांच में जुटी है।
नाभा जेल ब्रेक कांड से कनेक्शन
गिरफ्तार तस्कर ने खुलासा किया कि उसने नाभा जेल ब्रेक में शामिल आतंकियों व गैंगस्टरों को 100 से अधिक कारतूस सप्लाई किए थे। आरोपी इस मामले में 6.5 साल पटियाला जेल में भी बंद रहा था।
27 नवंबर 2016 को सुबह 9 बजे के करीब पुलिस वर्दी में आए लगभग 15 हमलावरों ने नाभा की मैक्सिमम सिक्योरिटी जेल पर धावा बोल दिया था। अंधाधुंध फायरिंग के बीच उन्होंने 2 आतंकी और 4 कुख्यात गैंगस्टर को छुड़ा लिया था। हमलावर एक जेलकर्मी की SLR गन भी लूट ले गए और फरार हो गए थे।
