गैरसैंण: उत्तराखंड राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रदेशभर में रजत जयंती समारोह धूमधाम से मनाया जा रहा है। इसी क्रम में ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन परिसर में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री धामी ने कार्यक्रम की शुरुआत रैतिक परेड के निरीक्षण से की। इसके बाद उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों को सम्मानित किया और प्रदेशभर में विकास को गति देने वाली करीब 60 योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन योजनाओं की कुल लागत करोड़ों रुपये बताई जा रही है, जो शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, जलापूर्ति, सिंचाई, महिला सशक्तिकरण और पर्यटन जैसे कई क्षेत्रों से जुड़ी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अवसर उन तमाम राज्य आंदोलनकारियों, शहीदों और वीर सैनिकों को समर्पित है जिन्होंने उत्तराखंड की अस्मिता, अस्तित्व और विकास के लिए अपना सबकुछ न्योछावर कर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य के हर कोने से आवाज उठी थी, और आज उसी संघर्ष का परिणाम है कि उत्तराखंड तेजी से विकास की नई ऊँचाइयों को छू रहा है।

सीएम धामी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भी श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि उन्हीं के नेतृत्व में वर्ष 2000 में उत्तराखंड राज्य का गठन हुआ और विशेष औद्योगिक पैकेज के माध्यम से राज्य को मजबूती प्रदान की गई।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार उत्तराखंड को “अगले दशक का राज्य” बनाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। सीएम ने कहा कि रजत जयंती समारोह के मुख्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने जो विश्वास जताया है, उसे धरातल पर उतारना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “हम उत्तराखंड के लोग सौभाग्यशाली हैं कि हमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसा नेतृत्व मिला है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह उत्तराखंड का दशक होगा, और हम उस सपने को साकार करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।”
उन्होंने बताया कि बीते चार वर्षों में प्रदेश सरकार ने 30 से अधिक नई नीतियां लागू की हैं, जिनका उद्देश्य रोजगार सृजन, निवेश बढ़ाना, और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। इसके परिणामस्वरूप आज उत्तराखंड निवेश, पर्यटन और अवसंरचना विकास के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है।
