लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद महाराष्ट्र में एनडीए गठबंधन में सब कुछ ठीक चलता नहीं दिख रहा है। पहले एनसीपी ने केंद्रीय राज्य मंत्री के पद का ऑफर ठुकरा दिया और अब उसके नेता भाजपा पर ही हमलावर है। महाराष्ट्र के मंत्री और एनसीपी नेता छगन भुजबल ने भाजपा की सीटें कम होने पर हमला बोला है।
भाजपा और एनसीपी में जुबानी जंग छिड़ गई है। केंद्रीय राज्य मंत्री के पद का ऑफर ठुकराने के बाद अब एनसीपी नेता भाजपा पर ही हमलावर है। महाराष्ट्र के मंत्री और एनसीपी नेता छगन भुजबल ने लोकसभा चुनाव में भाजपा की सीटें कम होने पर हमला बोला है। भुजबल ने कहा कि महाराष्ट्र में एनसीपी को दोष देने से पहले यूपी भी देखना होगा।
एनसीपी नेता ने कहा, “लोकसभा चुनाव में हमें 48 सीटों में से सिर्फ 4 सीटें दी गईं। उन 4 सीटों में से 2 हमसे छीन ली गईं। तो, इन 2 सीटों, रायगढ़ और बारामती में से हमने 1 सीट जीती। अब कोई कैसे कह सकता है कि हमने 48 सीटों पर चुनाव लड़ा, हमें सिर्फ 2 सीटें मिलीं। उन्होंने कहा कि भाजपा उत्तर प्रदेश जैसे दूसरे राज्यों में भी हारी। किसी ने नहीं सोचा था कि बीजेपी को उत्तर प्रदेश में इतनी कम सीटें मिलेंगी। अजित पवार गुट को दोष देना सही नहीं है।”
छगन भुजबल ने आरएसएस के नजदीकी माने जाने वाले साप्ताहिक पत्रिका ऑर्गनाइजर में छपे एक लेख पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा पर निशाना साधा है। लेख में एनसीपी के साथ गठबंधन करने के लिए भाजपा की आलोचना की गई थी। भुजबल ने कहा कि कुछ हद तक तो लेख सही है, क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण जैसे कांग्रेस नेताओं को शामिल करने के लिए भाजपा की आलोचना सही है
राकांपा के युवा शाखा के नेता सूरज चव्हाण ने भी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब भाजपा अच्छा प्रदर्शन करती है तो इसका श्रेय RSS को जाता है, लेकिन हार का ठीकरा अजित पवार पर फोड़ा जा रहा है।
इस पर पलटवार करते हुए भाजपा एमएलसी प्रवीण दारकेकर ने कहा कि आरएसएस हम सभी के लिए पिता समान है। आरएसएस के बारे में टिप्पणी करने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि सूरज चव्हाण को बिना सोचे कुछ भी नहीं बोलना चाहिए।
