विज्ञान में ग्रहण की घटना को खगीलीय माना जाता है जबकि ज्योतिष में इसे शुभ नहीं माना जाता है। आज जो सूर्य ग्रहण लगेगा वह भारत में नही दिखाई देगा, जिस कारण से इसका सूतक काल प्रभावी नहीं रहेगा। भारतीय समय के अनुसार आज रात 09 बजकर 12 मिनट से सूर्य ग्रहण शुरू हो जाएगा जो देर रात 2 बजकर 22 मिनट तक चलेगा।यह सूर्य ग्रहण 50 वर्षों बाद सबसे लंबा सूर्य ग्रहण होगा। यह ग्रहण करीब 5 घंटे और 25 मिनट तक चलेगा।
– यह एक पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। 54 वर्षों बाद इस तरह का संयोग बन रहा है। इसके पहले ऐसा संयोग 1970 में बना था।
– आज जब सूर्य ग्रहण लगेगा तब इस दौरान कुछ समय के लिए पृथ्वी पर अंधेरा छा जाएगा। यानी ग्रहण में सूर्य पूरी तरह से गायब हो जाएगा। इसके चलते दिन में अंधेरा छा जाएगा।
– इस सूर्य ग्रहण के दौरान धूमकेतु तारा भी साफ नजर आएगा।
– दुनिया के जिन-जिन हिस्सों में यह सूर्य ग्रहण लगेगा वहां सौर मंडल में मौजूद शुक्र और गुरु भी देखा जा सकेगा।आज भारतीय समय के अनुसार रात 9 बजकर 12 मिनट पर दुनिया के कई हिस्सों में सूर्य ग्रहण लगने वाला है। यह सूर्य ग्रहण बहुत ही खास रहने वाला होगासभी जानते हैं कि सूर्य के चारों ओर पृथ्वी चक्कर लगाती है और पृथ्वी के चारों ओर चंद्रमा घूमता है। जब सूर्य, पृथ्वी और चांद तीनों ही एक सीध में आ जाते हैं तो इस घटना के कारण सूर्य और चंद्र ग्रहण होता है। जब चांद पृथ्वी के चक्कर काटते हुए सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है तो इसे सूर्य ग्रहण कहते हैं। इस दौरान सूर्य से पृथ्वी पर आने वाली प्रकाश की किरणें चांद की वजह से पृथ्वी तक नहीं पहुंच पाती है। और चांद की छाया पृथ्वी पर पड़ती है। इस घटना को ही सूर्य ग्रहण कहते हैं
सूर्य ग्रहण को देखते समय बरतें ये सावधानियां
आज सोमवती अमावस्या तिथि साल का पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। लेकिन इस ग्रहण को भारत में नहीं देखा सकेगा। फिर भी जब सूर्य ग्रहण को देखने का मौका मिले तो कुछ खास बातों का विशेष ध्यान देना चाहिए।
– सूर्य ग्रहण को नग्न आंखों से कभी न देखें। सूर्य ग्रहण को सीधे खुली आंखों से देखने पर आंखों को नुकसान पहुंच सकता है।
– ग्रहण देखते समय विशेष रूप से बने चश्मों का ही प्रयोग करें।
– पिनहोल प्रोजेक्टर से सूर्य ग्रहण देखना सुरक्षित होता है आज सूर्य ग्रहण पर एक साथ कई ग्रहों का संयोग भी बन रहा है। सूर्य ग्रहण पर सूर्य और चंद्रमा मीन राशि में रहकर गुरु के साथ युति बनाएंगे
चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि और कल से यानी 09 अप्रैल से चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि लग जाएगी। हर वर्ष चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर चैत्र नवरात्रि शुरू होती है। लेकिन इस बार चैत्र नवरात्रि के शुरू होने से एक दिन पहले सूर्य ग्रहण लग रहा है। भारतीय समयानुसार यह ग्रहण 08 अप्रैल को रात 09 बजकर 12 मिनट से शुरू होगा जो 9 अप्रैल की सुबह 2 बजकर 22 मिनट तक चलेगा। लेकिन भारत में इस ग्रहण को नहीं देखा जा सकेगा इस कारण सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। ऐसे में मां दुर्गा की आराधना के पर्व नवरात्रि पर इसका कोई प्रभाव नहीं रहेगा।
