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देहरादून के एक ही परिवार के 4 लोगों की आश्रम में मौत

देहरादून: देहरादून के एक ही परिवार के चार लोगों की आश्रम के कमरे में मौत हो गई। चारों एक ही कमरे में रुके हुए थे। परिवार के चारों लोग राजस्थान के मेंहदीपुर बालाजी में मेंदर्शनों के लिए गए हुए थे। मृतकों में पति – पत्नी और बेटा व बेटी शामिल हैं। मृतक के शव बालाजी धाम के पास एक धर्मशाला के कमरे में पड़े मिले। चारों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने राजस्थान से लेकर उत्तराखंड तक सनसनी फैला दी थी।

दरअसल देहरादून से राजस्थान स्थित मेहंदीपुर बालाजी के दर्शन करने गए एक ही परिवार के चार सदस्यों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. चारों 11 जनवरी को देहरादून से बालाजी के दर्शन को गए थे. पिता और बेटा ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में नौकरी करते थे. मृतकों में दंपति, बेटा और विवाहित बेटी शामिल हैं. चारों के शव मेंहदीपुर की धर्मशाला के कमरे में मिले. घटना की जांच जारी है, प्रथम दृष्टया राजस्थान पुलिस इसे सामूहिक आत्महत्या मान रही है।

उधर सीसीटीवी फुटेज के अनुसार सुरेंद्र के परिवार के चारों सदस्यों ने मंगलवार सुबह यानी मकर संक्रांति के दिन बालाजी महाराज के दर्शन कर लिए थे. सुबह 8 बजे वो बालाजी के दर्शन करके धर्मशाला लौट आए थे।

रायपुर स्थित बांगखाला चकतुनवाला निवासी 58 वर्षीय सुरेंद्र कुमार उपाध्याय, उनकी पत्नी 55 वर्षीय कमलेश, 33 वर्षीय बेटा नितिन कुमार और 32 वर्षीय बेटी नीलम 11 जनवरी को देहरादून से ट्रेन में बैठकर राजस्थान के दौसा जिले में स्थित मेंहदीपुर बालाजी के दर्शन करने के लिए गए थे. चारों मेहंदीपुर की रामकृष्ण धर्मशाला में कमरा नंबर 119 में ठहरे थे।

राजस्थान पुलिस मान रही सामूहिक आत्महत्या: 14 जनवरी शाम को कर्मचारी सफाई करने कमरे में पहुंचा था. उसने देखा कि कमरे में दो लोग अचेत अवस्था में बेड पर और दो जमीन पर पड़े थे. सफाई कर्मचारी ने तत्काल इसकी सूचना रामकृष्ण धर्मशाला के प्रबंधकों को इसकी जानकारी दी. धर्मशाला प्रबंधकों ने राजस्थान पुलिस को घटना की सूचना दी. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर डॉक्टरों को बुलाया. डॉक्टरों ने जांच करने के बाद सभी को मृत घोषित कर दिया. प्रत्यक्षदर्शियं के अनुसार परिवार के कुछ सदस्यों के मुंह से झाग निकल रहा था. इस कारण राजस्थान पुलिस इसे प्रथम दृष्टया सामूहिक आत्महत्या मान रही है।

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