चमोली : चमोली राज्य के सीमांत विकासखंड ज्योतिरमठ के सैजी लग्गा मैकोट वेमरु स्यूंण डुमक कलगोठ प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जो कई वर्षों से बन रही है किंतु 29 किलोमीटर सड़क नहीं बन पाई डुमक गांव कि ग्रामीणों के द्वारा क्षेत्र विकास संघर्ष एवं संयुक्त संघर्ष समिति दशोली ज्योर्तिमठ की तत्वाधान में एक लंबे समय से 200 दिन के लगभग आंदोलन चला जिला मुख्यालय पर भी आमरण-अनशन की कार्रवाई की गई इस सड़क को लगभग 9 किलोमीटर बना है अभी भी सरकार ने आधे अधूरी कीस्वीकृत दी है। सड़क का जो मकसद था वह अभी भी पूरा नहीं होता दिख रहा है। अब इस सड़क को टुकड़ों में बनाया जाएगा पहलेअब डुमक से कलगोठ बनाया जाएगा जिसके लिए मुख्य सचिव उत्तराखंड की अध्यक्षता वाली समिति ने 8.87 करोड रुपए की वितीय स्वीकृति दी है।
अब ग्रामीण तो एक तरफ सड़क से जुड़ जाएंगे किंतु जो दो ब्लाकों को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क थी वह आज भी अधूरी पड़ी है सरकार के द्वारा उच्च स्तर पर भूगर्भीय जांच करने के बहाने सड़क को आधा अधूरी ही स्वीकृति दी है। क्षेत्रीय जनता को फिर से आंदोलन करना पड़ेगा इस महत्वपूर्ण सड़क को जोड़ने से जहां पंच केदार के कई केदार आपस में सड़क से जुड सकते हैं वही रुद्रनाथ को जाने वाले यात्रियों को लाभ मिलेगा। जिलाधिकारी चमोली ने तत्परता दिखाते हुए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिकारियों को डुमक से कलगोठ तक सड़क बनाने के लिए आदेश दिया गया और जिसकी डीपीआर सरकार को प्रेषित की गई और जिसकी वित्तीय स्वीकृति भी मिल चुकी है। इस स्वीकृति पर ग्राम संयुक्त संघर्ष समिति के राजेंद्र सिंह भंडारी, अंकेश भंडारी प्रेम सिंह, सोवन सिंह रघुनाथ सिंह कई लोगों ने खुशी जाहिर की है राजेंद्र सिंह भंडारी कहते हैं कि हम सरकार का धन्यवाद करते हैं साथ ही क्षेत्रीय जनता पक्ष प्रतिपक्ष सभी लोगों ने हमारा सहयोग किया हम दिल से आभार प्रकट करते हैं और कहते हैं कि हमारा संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री उत्तराखंड का भी धन्यवाद ज्ञापित किया।
