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अंकित हत्याकांड का हुआ खुलासा: बेटे के पैसे चुराने से परेशान था पिता, गला घोंटकर मार दिया बेटे को

रुद्रपुर: पंतनगर के सिडकुल क्षेत्र में हुई कक्षा 6 के छात्र की हत्या का पुलिस ने घटना के कुछ ही घंटे बाद खुलासा कर दिया। इस हत्याकांड में पिता ही अपने बेटे का हत्यारा निकला। एसपी क्राइम निहारिका तोमर ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि 15 अप्रैल को सिडकुल के रिद्धी-सिद्धी कंपनी के पास खाली मैदान में शव पड़े होने की सूचना मिली थी।

सूचना पर थाना पंतनगर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और फील्ड फोरेंसिक यूनिट के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। मृतक के परिजन मौके पर पूर्व से ही मौजूद थे, जिन्होंने शव की पहचान अंकित पुत्र देवीदत्त उम्र 15 वर्ष स्थाई निवासी तहसील बीसलपुर थाना बरखेडा जिला पीलीभीत यूपी, हाल निवासी आजादनगर ट्रांजिट कैंप के रूप में की थी।

अंकित के गले में उसके द्वारा पहनी स्कूल ड्रेस की कमीज कसी हुई थी और उसके चेहरे व शरीर पर चोट के निशान थे। तहरीर के आधार पर थाना पंतनगर में आरोपी के खिलाफ एफआईआऱ न0 69/2025 धारा 103(1) BNS पंजीकृत किया गया। इसके बाद एसएसपी मणिकांत मिश्रा के निर्देशन पर पुलिस की पांच टीमों का गठन किया गया और जल्द से जल्द हत्याकांड का खुलासा करने में पुलिस जुटी।

पूछताछ के दौरान देवीदत्त गंगवार ने बताया कि वह देवछाया कंपनी सिडकुल मे काम करता है तथा महीने का लगभग 18 हजार रुपए कमाता है। अंकित अक्सर घर मे रखे पैसे चोरी कर लिया करता था। 12 अप्रैल को अपनी मां के साथ अपने गांव से लौटने के बाद अंकित ने घर में रखे 10 हजार रुपए चुरा लिए। इसे लेकर घटना की सुबह घर में लडाई हुई और उसने अंकित की पिटाई कर दी। इसके बाद आरोपी देवीदत्त ने अंकित की हत्या की योजना बनाई। योजना के तहत वह अंकित और अपने छोटे बेटे को सुबह स्कूल छोडने के लिए घर से निकला। छोटे बेटे को स्कूल छोडने के बाद अंकित को घटनास्थल की ओर ले गया। वहां पहुचने के बाद लकड़ी इकट्ठा करने के बहाने अंकित से उसकी कमीज उतरवाई और अंकित के गले में बांधकर उसकी हत्या कर दी। घटना के बाद हत्यारा अपनी कंपनी मे आया तथा अपने सहकर्मी का मोबाइल लेकर भतीजे अभिषेक के नंबर पर कॉल कर आवाज बदलकर बताया कि अंकित रिद्धि सिद्धी कंपनी के पीछे बेहोश पड़ा है। सूचना प्राप्त होने पर अभिषेक व अन्य परिजन घटनास्थल पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने आरोपी के बयानों एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर घटना मे प्रयुक्त साइकिल भी बरामद की गई।

देवीदत्त को कुल 18 हजार सैलरी मिती थी। उसमें भी दस हजार चोरी हो जाने पर वह अपना आपा खो बैठा और अपने ही जिगर के टुकड़े को मौत के घाट उतार दिया।

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